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पर्सनल लोन के जंजाल से ऐसे निकलें

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Updated Sun, 10 Jun 2012 12:00 PM IST
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अगर आपके पास कार, घर, जीवन बीमा पॉलिसी, शेयर, बॉन्ड्स, डिबेंचर, सोने के गहने, बैंक फिक्सड डिपॉजिट, म्यूचुअल फंड जैसे कुछ एसेट हैं तो आप इनके जरिए अपना पर्सनल लोन चुकता कर सकते हैं। इसके अलावा कुछ बैंक आपको इन एसेट के बदले सस्ती दरों पर लोन मुहैया कराते हैं जिसके द्वारा आप अपने पर्सनल लोन का भुगतान कर सकते हैं।
डेट कंसॉलिडेशन का लें सहारा

इस उपाय के जरिए आप अपने कर्जों को छोटी-छोटी किश्तों के जरिये लंबे समय में चुका सकते हैं। इसमें आप अपने सभी कर्जों को इकट्ठा करके एक डेट पोर्टफोलियो बना सकते हैं, जिसे डेट कंसॉलिडेशन कहा जाता है। अगर आपने काफी सारे लोन ले रखें हैं, तो डेट कंसॉलिडेशन के जरिए आप इन्हें धीरे-धीरे लंबे समय में चुका सकते हैं। हालांकि डेट कंसॉलिडेशन का मुख्य उद्देश्य छोटी अवधि में आपको मुसीबत से निकालना है। एक बार आपकी आर्थिक स्थिति ठीक हो जाए तो आप अनुमानित समय से पहले अपने कर्ज चुका सकते हैं।

टॉप अप या सिक्योर्ड लोन
अगर आपने होम लोन लिया है तो आप अपने मौजूदा लोन पर टॉप अप करा सकते हैं और सस्ती दरों पर क्रेडिट ले सकते हैं। इसके अलावा एक और रास्ता है। आप अपने बैंक से बात करें और अपने लोन को घर, वाहन के बदले में सिक्योर्ड लोन में परिवर्तित करवा लें। इसके जरिए आप अपने लोन की ब्याज दरों और लोन अवधि के अध्य्यन के बाद सस्ती दरों पर मासिक भुगतान के जरिए कर्ज चुका सकते हैं।

पर्सनल लोन को अन्य लोन में बदलने में केवल एक ही नुकसान हो सकता है कि अगर आप कर्ज चुकाने में असफल होते हैं तो आपके गारंटर का साथ छूट सकता है। इसलिए आपको ये सुझाव दिया जाता है कि अपना लोन चुकाने की क्षमता के आधार पर आप मौजूदा लोन को सिक्योर्ड लोन में बदलवा लें जिससे गिरवी को खोने का जोखिम ना हो।

डिफॉल्टर होने पर दिक्कत
पर्सनल लोन में एक बार डिफॉल्ट होने पर भी आपको लोन चुकाने और भविष्य में जरुरत पड़ने पर लोन लेने में दिक्कत हो सकती है। अगर लोन डिफॉल्ट होने की स्थिति आए तो देनदार से बात करें और इसका समाधान खोजने की कोशिश करें। सामान्य परिस्थितियों में देनदार डिफॉल्ट पूंजी की 20 फीसदी राशि के बराबर पेनल्टी लगा सकता है जो सिर्फ आपके ऊपर ही अतिरिक्त बोझ होगा। इसलिए ऐसी स्थिति से बचने के लिए देनदार से बात करें और समाधान ढ़ूंढ़ने की कोशिश करें।
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