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पीएफ कटने के बावजूद खुलवा सकते हैं पीपीएफ खाता

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Updated Sun, 03 Jun 2012 12:00 PM IST
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एक प्राइवेट कंपनी में कार्यरत अमितेश अपनी नौकरी से संतुष्ट हैं क्योंकि वहां इनका प्रोविडेंट फंड (पीएफ) कट रहा है और कंपनी की ओर से भी इसमें अंशदान दिया जा रहा है। बीते दिनों एक मित्र द्वारा पीपीएफ खाता खुलवाने की सलाह ने इन्हें कुछ असमंजस में डाल दिया है। अमितेश्‍ा जानना चाहते हैं कि क्या पीएफ के दायरे में होने के बावजूद वह पीपीएफ खाता खुलवा सकते हैं और क्या यह करछूट व इन्वेस्टमेंट प्लानिंग में मददगार हो सकता है?
पीपीएफ से अच्छे ब्याज के साथ आयकर में छूट का लाभ
आपके मित्र ने पीपीएफ खाता खुलवाने का सुझाव देकर आपको ए सही और अच्छी सलाह दी है। पब्लिक प्रॉविडेंट फंड यानी पीपीएफ खाता कोई भी व्यक्ति खुलवा सकता है, चाहे वह नौकरी पेशा हो या कारोबारी। वेतन से पीएफ कटने पर भी आप पीपीएफ खुलवा सकते हैं। पीपीएफ निवेश का सबसे सुरक्षित और सरल माध्यम है। खाता खोलने की प्रक्रिया लगभग बैंक में बचत खाता खोलने जैसी ही है और यह आसानी से किसी अधिकृत बैंक या डाक घर में खुलवाया जा सकता है।

पीपीएफ खाते में वर्ष में कम से कम एक बार और अधिकतम 12 किस्तों में अंशदान किया जा सकता है। खाते में अंशदान की न्यूनतम राशि 500 रुपये प्रतिवर्ष है। अिध्‍ाकतम अंशदान की सीमा को 1 अप्रैल 2011 से बढ़ा कर एक लाख रुपये कर दिया गया है। पहले यह 70 हजार रुपये सालाना थी। खाते में अधिकतम कोई भी राशि पांच रुपये के गुणकों में जमा कराई जा सकती है। पीपीएफ में 8.6 फीसदी सालाना की दर पर करमुक्त ब्याज मिलता है। इस पर रिटर्न भरते वक्त आयकर अधिनियम की धारा 80 सी में अन्य कटौतियों के साथ अधिकतम सालाना आधार पर एक लाख रुपये तक की कर कटौती का क्लेम किया जा सकता है।

पत्नी और बच्चे का खुलवा सकते हैं पीपीएफ खाता
अमितेश को यह जान कर खुशी होगी कि अपने अलावा वह अपनी पत्नी और अवयस्क बच्चों का भी पीपीएफ खाता खुलवा कर उसमें अंशदान कर सकते हैं। कोई अभिभावक या संरक्षक चाहे तो अपने कितने भी बच्चों का पीपीएफ खाता खुलवा सकता है। ध्यान रहे कि व्यक्ति अपने संरक्षण में खोले गए सभी अवयस्क बच्चों और अपने पीपीएफ खाते में कुल मिलाकर एक साल में अधिकतम एक लाख रुपये तक का ही अंशदान कर सकता है। ध्यान देने वाली बात है कि पत्नी के खाते पर यह शर्त लागू नहीं होती। पत्‍नी का खाता खुलवाने पर आप अपने और पत्नी दोनों ही के पीपीएफ खातों में प्रतिवर्ष एक-एक लाख रुपये का अंशदान करके सुरक्षित निवेश के रूप में सालाना 8.6 फीसदी का ब्याज ले सकते हैं।
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