तारबाड़ की चपेट में आकर किसान की मौत

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ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, ऊध्‍ाम‌‌‌सिंह नगर

farmer died after coming in contact with electric wire PC: अमर उजाला

जंगली जानवर रोकने को खेत में की गई तारबाड़ की चपेट में आकर एक किसान की मौत हो गई। उसका शव खेत की मेढ़ में उलझा मिला। खेत स्वामी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर ग्रामीणों ने कुंडेश्वरी पुलिस चौकी का घेराव किया। बाद में शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।   ग्राम गोविंदनगर निवासी अजीत सिंह (45) पुत्र बलकार सिंह ने ग्राम गुलजारपुर में अजायब सिंह की पांच एकड़ भूमि के पांचवें हिस्से में धान की फसल लगाई थी। बुधवार को वह धान में पानी लगाने गया था। देर शाम वह पैदल ही घर वापस लौट रहा था। ग्राम ब्रह्मनगर में राजपाल उर्फ पाले पुत्र विशंभर के खेत में जानवरों को रोकने के लिए लगाई गई तारबाड़ में उसका पांव उलझ गया।  करंट से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। अजीत के रात भर घर वापस न लौटने पर परिजनों व ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार की सुबह से उसकी तलाश शुरू की। बृहस्पतिवार सुबह साढ़े 11 बजे उसका शव राजपाल के खेत की मेड़ पर पड़ा पाया गया। उसके एक पैर की ऐड़ी झुलसी पाई गई। शव के पास एक थैली में बिस्कुट, तेल, मूंगफली आदि पाए गए।  कयास लगाया जा रहा है कि अजीत घर के लिए सामान खरीद कर ले जा रहा था। किसान की मौत से ग्रामीणों में खेत स्वामी के प्रति आक्रोश देखा गया। आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर ग्रामीणों ने कुंडेश्वरी पुलिस चौकी के सामने प्रदर्शन किया। उपनिरीक्षक प्रकाश चंद्र ने कार्रवाई का आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत कराया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है।   पत्नी और पांच बच्चे हुए बेसहारा काशीपुर। किसान अजीत सिंह की मौत से उसके परिजनों पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा है। वह अपने परिवार का अकेला सहारा था। उनके पास रहने तक का कोई स्थायी ठौर नही है। परिवार जंगलात के खत्ते में बसा हुआ है। उसकी मौत से परिवार के समक्ष रोटी-रोजी का संकट आ खड़ा हुआ है। ग्राम गोविंदपुर निवासी बलकार सिंह के तीन पुत्र जसविंदर सिंह, बख्शीश सिंह व अजीत सिंह थे। तीनों भाइयों का परिवार जंगलात के खत्ते में अलग-अलग झोंपड़ियां डालकर रह रहा था।  पिता बलकार अपने बड़े पुत्र के साथ रहते हैं। भूमिहीन होने के बावजूद इस परिवार को आवासीय अथवा खेती का पट्टा नही मिल सका है। करीब साठ साल से यह परिवार खत्ते में रहता चला आ रहा है। बलकार के छोटे पुत्र अजीत के परिवार में पत्नी दलबीर कौर के अलावा पांच पुत्रियां पूजा, आशा, प्रीति, ज्योति, निक्की व पुत्र मनप्रीत है। बड़ी पुत्री पूजा की दो वर्ष पहले शादी हो चुकी है। अजीत बड़े काश्तकारों की भूमि पर पांचवे हिस्से की बटाई पर धान की फसल लगाता था। खाली दिनों में वह मजदूरी करता था। इसी से उसके परिवार का भरण पोषण होता था। अजीत की मौत के बाद उसके परिवार बेसहारा हो चला है।  
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