बुजुर्ग के अंतिम संस्कार को बेटे का इंतजार

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Dehradun Bureau

बुजुर्ग के अंतिम संस्कार के लिए बेटे का इंतजार कंडीसौड़ (टिहरी)। तीन अक्तूबर को दुनिया से विदा ले चुके अतर सिंह पडियार (70) के अंतिम संस्कार के लिए जेल में बंद बेटे और पत्नी का इंतजार है। ग्रामीणों ने मां-बेटे की ओर से अंतिम दर्शन और मुखाग्नि देने के लिए जिलाधिकारी से पैरोल मांगी है। कस्टडी पैरोल की स्वीकृति मिलने पर संभवता आज शुक्रवार को अंतिम संस्कार किया जा सकता है। थौलधार ब्लॉक में नगुण पट्टी के ग्राम गैर निवासी अतर सिंह पडियार की पत्नी इंद्रा देवी और इकलौता पुत्र सत्ये सिंह (33) अपनी पत्नी शशि देवी की हत्या के आरोप में वर्ष 2009 से सुद्दोवाला जेल में बंद है। तब से ही अतर सिंह अकेला रह रहा था। मंगलवार तीन अक्तूबर की अपराह्न तीन बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। आस-पास ग्रामीणों ने इसकी सूचना जेल में बंद पत्नी और बेटे को दी। मां-बेटे की ओर से गांव के क्षेत्र पंचायत सदस्य राम सिंह बुढाण, प्रधान हरीश रतूड़ी, बलवीर सिंह पडियार, पंकज दास और उत्तम दास ने टिहरी डीएम को बताया कि बुजुर्ग की कोई और संतान नहीं है, तीन दिन से शव कमरे में पड़ा है, जिससे बदबू आने लगी है, इसलिए अंतिम संस्कार के लिए जेल में बंद मृतक की पत्नी और बेटे को मानवीय आधार पर पैरोल दिया जाना जरूरी है। डीएम सोनिका ने गढ़वाल कमीश्नर के आदेश पर जेल में बंद मां-बेटे को तीन दिन के कस्टडी पैरोल की स्वीकृति दी है। पैरोल मिलने के बाद शुक्रवार को बुजुर्ग का अंतिम संस्कार किया जा सकता है।
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