ज्वाइन करने के बाद छह डाक्टर गायब

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Dehradun Bureau

विनोद पोखरियाल पौड़ी। जिले के विभिन्न अस्पतालों से छह डाक्टर पिछले लंबे समय से लापता हैं। इनमें से कुछ डाक्टर तो एक साल पहले ज्वाइन करने के बाद से नहीं लौटे हैं। ये सभी सरकारी फीस पर श्रीनगर मेडिकल कालेज से एमबीबीएस की डिग्री लेने वाले डाक्टर बताए जा रहे हैं। सीएमओ डॉ. रमेश सिंह राणा ने इन डाक्टरों को नोटिस भेजकर शासन को भी इस बारे में अवगत कराया है। दरअसल, राज्य सरकार अपनी शर्तों पर निर्धारित संख्या में अभ्यर्थियों को सरकारी मेडिकल कालेज से न्यूनतम फीस पर एबीबीएस कराता है। सरकार ऐसे प्रत्येक अभ्यर्थी से 30 लाख रुपये के बांड भरवाती है। अनुबंध के तहत एमबीबीएस करने के बाद इन डाक्टरों को पांच साल तक उत्तराखंड के सरकारी अस्पतालों में सेवाएं देनी होती हैं। ऐसे ही डाक्टरों में डा. ज्ञानेश चंदेल को राजकीय स्वास्थ्य केंद्र चिपलघाट, डा. विनीता चंद को खिर्सू, डा. विपिन बिहारी पाटीसैंण, डा. नीरज यादव चाकीसैंण, डा. नेहा वर्मा नौगांवखाल और डा. रेनू ओली को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाबो में तैनात किया गया था। इन डाक्टरों ने अपने तैनाती स्थल पर ज्वाइन तो किया, लेकिन उसके कुछ समय बाद छुट्टी पर चले गए। छुट्टी पूरी होने के बावजूद ये डाक्टर दोबारा ज्वाइन नहीं कर रहे हैं, इससे दूरदराज क्षेत्र के लोगों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. रमेश राणा ने बताया कि इन सभी डाक्टरों को नोटिस भेजे गए हैं। अगर वे ज्वाइन नहीं करते तो, उनसे बांड की 30-30 लाख रुपये की राशि वसूलने और विधिसम्मत कार्रवाई की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।
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