सरकारी तौल केंद्र में भी नहीं खरीदा धान

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Haldwani Bureau

हल्द्वानी। चावल घोटाले में अब यह भी खुल कर सामने आया है कि सरकारी तौल केंद्रों में भी धान खरीद के नाम पर बड़ा खेल खेला गया। किसानों से नाम मात्र की खरीद हुई। ज्यादा खरीद किसानों के नाम पर चावल मिलों से ही हुई। साफ है कि सहकारी समितियां, खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग, राज्य सहकारी संघ के अधिकारियों ने सरकार को करोड़ों का चूना लगाया।चावल घोटाले की विशेष जांच दल की रिपोर्ट में भी यह खुलकर सामने आया है कि अधिकतर खरीद कागजों में ही हुई। उस समय सरकार को जो आंकड़े भेजे गए, उनमें यह दिखाया गया कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, राज्य सहकारी संघ ने भी खरीद का अपना लक्ष्य पूरा किया। 2016-17 में शासन ने कच्चे आढ़तियों से धान खरीद की व्यवस्था इसीलिए की थी क्योंकि ये दोनों संस्थाएं अपना लक्ष्य 2015-16 में पूरा नहीं कर पाई थीं। हकीकत यह थी कि सरकारी तौल केंद्र में किसानों को मानकों के अनुरूप धान न आने की बात कहकर उनका धान खरीदा ही नहीं गया। पूरे उत्तराखंड में 80 हजार मीट्रिक टन क्विंटल धान सरकारी एजेंसियों से खरीद का लक्ष्य रखा गया था। ऐसे खेला गया खेल सरकारी केंद्रों में तैनात कर्मचारियों ने अपने उच्च अधिकारियों के साथ मिलकर इस पूरे खेल को खेला। चावल मिलों के पास ऐसे किसान होते हैं जिनका व्यवहार मिलों से ही रहता है। मिलों ने उनकी खाता खतौनी और उनका अन्य विवरण विभाग के उच्च अधिकारियों को दिया। विभाग ने कागजों में खरीद दिखाकर किसानों के नाम से चेक जारी कर दिया। विभाग के अधिकारियों ने किसानों के चेक मिलों को सौंप दिए। मिल मालिकों ने किसान को चेक दे दिया। पैसा आने पर चावल मिलों ने किसानों को 0.5 प्रतिशत देकर पूरी रकम उनसे ले ली। ढुलाई के पैसे भी बचाएसरकारी संस्था से मिलों को धान भेजने में ढुलाई दी जाती है। विभाग के अधिकारियों ने धान खरीद की ही नहीं साथ ही कागजों में धान खरीद दिखाकर लाखों रुपये ढुलाई के बचा लिए। इससे सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। -----------------सरकारी तौल केंद्र का बारदाना भी बेचासरकारी तौल केंद्र में आने वाले बारदाने को भी सरकारी एजेंसियों के अधिकारियों ने बेच दिया। जब सरकारी क्रय केंद्रों में खरीद नहीं की गई तो बारदाना कहां गया। इसकी एसआईटी ने जांच की तो ये खेल भी सामने आया। --------------हैंडलिंग चार्ज भी खा गए सरकारी अधिकारीक्रय नीति में साफ लिखा है कि धान खरीद करते समय बोरों को उल्टा करके भरा जाएगा। बोरे में स्टेंसिलिंग होगी। इसे 12 टांकों से मजबूत सुतली से सिलाई की जाएगी। इसके लिए हैंडलिंग ठेकेदार रखने का प्रावधान था, लेकिन सरकारी एजेंसी के अधिकारी हैंडलिंग चार्ज भी खा गए। --------इन अधिकारियों पर कार्रवाई कब होगी - क्रय केंद्र में तैनात कर्मचारियों पर कब कार्रवाई होगी- तीन एजेंसी के अधिकारियों पर करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप लगा है- बोरे, हैंडलिंग चार्ज की सरकार कैसे वसूली करेगी- किसानों का हक मारने वाली चावल मिलें कब काली सूची में डाली जाएंगीकिसानों से नाम मात्र का धान खरीदा, कागजों में खरीद दिखा दी एसआईटी की जांच में भी आई बात सामनेचावल मिल मालिकों को जमकर फायदा पहुंचाया
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