एचआरटीसी को चूना लगाते दबोचा परिचालक

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Shimla Bureau

रामपुर बुशहर। परिवहन मंत्री जीएस बाली जरा बताएं कि अगर हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में मंत्री और जीएम का नंबर न लिखा हो तो सफर करने वाले यात्री कहां शिकायत करें? ऐसी स्थिति में बस परिचालक अगर यात्रियों से पैसे लेने के बावजूद टिकट न दे तो यात्री कहां किससे शिकायत करे? एक ऐसा ही मामला वीरवार को रामपुर डिपो की हरिद्वार-सराहन बस में भी पेश आया। जब एक महिला यात्री से शिमला से रामपुर का पूरा किराया वसूला गया और उसे परिचालक ने टिकट तक नहीं दी। यह महिला परिचालक से बार-बार टिकट मांगती रही, लेकिन उसे रामपुर तक टिकट नहीं दी गई। एचआरटीसी महिला सवारियों को किराए में 25 फीसदी छूट देती है और इस महिला यात्री को यह छूट तक भी नहीं दी गई। वीरवार को रामपुर डिपो के आरएम जगरनाथ के नेतृत्व में एचआरटीसी के उड़नदस्ते ने निरथ के पास हरिद्वार-सराहन बस संख्या एचपी 06 ए 5221 को रोका और चेकिंग शुरू की। चेकिंग के दौरान जब यात्रियों की टिकटें चेक की जा रही थीं तो एक महिला के पास टिकट नहीं थी। आरएम ने जब इस महिला यात्री से पूछा कि आप कहां से बैठे तो उसने बताया कि वह न्यू बस स्टैंड शिमला से रामपुर के लिए बैठी थी। उससे परिचालक ने 200 रुपये किराया वसूला और उसे टिकट नहीं दिया गया। महिला ने यह भी बताया कि उसे सिर्फ टिकट ही नहीं दिया अपितु महिलाओं को दिए जाने वाले 25 प्रतिशत महिला डिस्काउंट से भी वंचित रखा। उसने परिचालक से टिकट के लिए बार-बार आग्रह किया लेकिन वह अनसुना करता रहा। बताते हैं कि शिमला से रामपुर तक परिचालक ने कई अन्य सवारियों से पैसे लिए और टिकट नहीं दिया। लक्कड़ बाजार बस अड्डे से एक सवारी ठियोग के लिए बैठी थी। उसने परिचालक को 50 रुपये दिए और उसने 30 रुपये लौटा दिए। इसे भी टिकट नहीं दिया गया। इसके बाद एक महिला सवारी दत्तनगर से रामपुर के लिए बैठी। इससे भी 40 रुपये वसूले और टिकट नहीं दिया। सवाल यह उठा है कि जब परिचालक सवारियों से पैसे लेकर टिकट नहीं दे रहा था तो यात्री शिकायत करने से भी वंचित रह गए। क्योंकि हरिद्वार सराहन रूट पर दौड़ रही इस बस में न तो कोई हेल्पलाइन नंबर था, परिवहन मंत्री और एचआरटीसी के अधिकारियों के नंबर तक नहीं लिखे थे। ऐसे में परिचालक की शिकायत यात्री करते तो कहां? क्या कहते हैं आरएम आरएम रामपुर जगरनाथ ने बताया कि उन्होंने निरथ के पास सराहन हरिद्वार बस को रोका और जब चेकिंग की तो मामला सामने आया कि बस के परिचालक ने यात्रियों से पैसे तो लिए और टिकट नहीं दिए। बस में यात्रा कर रही एक महिला ने बताया कि वह न्यू बस स्टैंड शिमला से रामपुर के लिए बैठी थी। उससे 25 प्रतिशत डिस्काउंट दिए बगैर किराया वसूला गया। परिचालक से जब उसने टिकट मांगी तो उसने टिकट नहीं दी। उनका कहना है कि परिचालक को रंगे हाथों पकड़ा गया है और उसने वित्तीय अनियमितता की है। परिचालक हेमराज को इससे पहले चंबा में निलंबित किया जा चुका है। यह दूसरी बार है, जब वह वित्तीय अनियमितता करते हुए पकड़ा गया है। इस परिचालक के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई की जाएगी। उनका कहना है कि जिन बसों में एचआरटीसी के अधिकारियों के नंबर नहीं हैं, वहां शीघ्र लिखवा दिए जाएंगे।
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