भैंसों की तलाश में निकले युवक का मिला शव

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Jhansi Bureau

भैंसों की तलाश में निकले युवक का मिला शव ललितपुर/डोंगराखुर्द। नाराहट थानांतर्गत डोंगराकला गांव में रविवार को खोई हुई भैंसों को खोजने गए ग्रामीण का शव देर शाम जंगलों में मिला। संदिग्ध अवस्था में पड़े शव को देख गांव में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के परिजनों ने पशु चोरों पर हत्या करने का आरोप लगाया है। जानकारी के अनुसार एक अक्तूबर की देर शाम ग्राम डोंगराकलां के खांदी के पास एक अज्ञात 48 वर्षीय युवक का शव पड़ा देख राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसकी तलाशी ली तो उन्हें उसकी जेब में एक गल्ला मंडी की पर्ची बरामद हुई। इसमें थाना पाली के पड़ना गांव का नाम व मृतक के पुत्र का नाम अंकित था। पुलिस ने ग्राम पड़ना के प्रधान को घटना की जानकारी दी। प्रधान मृतक के भाई रतिराम के साथ मौके पर जा पहुंचा जहां रतिराम ने मृतक की शिनाख्त ग्राम पड़ना निवासी रामनरेश चौबे पुत्र नाथूराम के रूप में की। मृतक के भाई रतिराम ने जानकारी देते हुए बताया कि करीब पांच दिन पहले रामनरेश की 6 भैंसें गायब हो गई थीं। इनकी तलाश में वह करीब तीन दिन से आसपास के क्षेत्रों में ढूंढ रहा था। रविवार की सुबह वह घर से मवेशी की तलाश करने की बात कहकर साइकिल से निकला था। एकादशी व्रत होने के कारण करीब 11 रामनरेश की पत्नी रूपा ने फोन कर उससे घर आने की जानकारी ली। इस पर उसने भैंसें मिल जाने व एक घंटे में घर आने की बात कही। काफी देर बीत जाने के बाद भी जब वह घर नही आया तो परिजनों ने कई बार उससे संपर्क करने का प्रयास किया। मोबाइल पर घंटी जाने पर कोई उत्तर नही मिला, तभी शाम को ग्राम डोंगराकलां के चौकीदार ने ग्राम पड़ना के प्रधान व ग्रामीणों को जानकारी दी। मृतक के भाई रतिराम ने घटना स्थल पर जाकर सीताफल के पेड़ के नीचे पड़े शव की शिनाख्त रामनरेश के रूप में की। इस दौरान मृतक की साइकिल व उसका मोबाइल गायब थे। मृतक के भाई रतिराम ने मवेशी चोरी करने वाले अज्ञात लोगों पर हत्या कर शव को फेंकने के आरोप लगाए हैं। मृतक चार भाइयों में दूसरे नंबर का था, वह खेती किसानी कर परिवार का भरण पोषण करता था और उसके दो पुत्र हैं। मृतक के भाई रतिराम ने मौके के हालातों से बताया कि रामनरेश के सिर में चोट के निशान, कान व गुप्तांग से रक्त स्त्राव होने एवं पैरों पर जले होने के निशान थे। वहीं, पुलिस मृतक के शरीर पर कोई चोटें होने से इंकार कर रही है। मृतक के भैंसों के मिलने की बात कहकर घर न पहुंच पाना व उसका मोबाइल व साइकिल घटना स्थल पर न होना घटना को संदिग्ध बना रहा है। अनुमान लगाया जा रहा है कि जंगल में घूमने वाले घुमंतू जाति के लोगों ने उसकी हत्या कर शव को पहाड़ी के पास फेंक दिया हो। मृतक के पास से गायब मोबाइल ही उसकी मौत के रहस्य से पर्दा उठा सकता है। पुलिस ने मृतक के पास से गायब मोबाइल व उसकी साइकिल की खोजबीन शुरू कर दी है। रामनरेश एकादशी का व्रत होने के बावजूद भी उसके शव के पास बिस्कुट के दो पैकिट, गुटका व तंबाकू का मिलना भी संदेह पैदा कर रहा है।
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