पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग

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Bareily Bureau

पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की मांगPC: लखीमपुर खीरी, अमर उजाला

लखीमपुर खीरी। भाजपा कार्यालय पर बृहस्पतिवार को वस्तु एवं सेवाकर संगोष्ठी हुई। इस दौरान व्यापारियों को वस्तु एवं सेवाकर के बारे में जानकारी दी गई। इस दौरान व्यापारियों ने अपना मांग संबंधी आठ सूत्रीय ज्ञापन धौरहरा सांसद को सौंपा। संगोष्ठी की अध्यक्षता धौरहरा सांसद रेखा वर्मा ने की। उन्होंने व्यापारियों को जीएसटी के सरलीकरण के बारे में जानकारी दी। इस दौरान व्यापारियों ने 20 लाख रुपये से कम बिक्री करने वाले छोटे व्यापारियों को कर मुक्त का प्रमाण पत्र देने एवं पोर्टल पर जीएसटी पंजीकरण रद्द कराने की प्रक्रिया को खोलने की मांग की। साथ ही पेट्रोलियम पदार्थों को भी जीएसटी के दायरे में लाए जाने संबंधी प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन उन्हें सौंपा। संगोष्ठी में व्यापारी नेता महेश पुरी, राजेश अग्रवाल, दिलीप गुप्ता, भाजपा के रमेश चंद्र मिश्रा, कुलभूषण सिंह आदि मौजूद रहे। यह हैं मांगे 1. प्रतिमाह तीन बार रिटर्न दाखिल करने की बाध्यता खत्म करके त्रैमासिक रिटर्न दाखिल करने की अनुमति मिले। 2. भाजपा शासित अन्य राज्यों की तरह प्रदेश में भी मंडी शुल्क समाप्त हो। 3. जीएसटी अधिकारियों द्वारा सर्वे व चेकिंग बंद की जाए, क्योंकि जीएसटी के नियमों को लेकर असमंजस की स्थित है। 4. एक अक्तूबर से लागू ई-वे बिल की राशि एक लाख से बढ़ाकर दो लाख रुपये की जाए। 5. ई-वे बिल की सीमा दस किलोमीटर से बढ़ाकर अंतर्जनपदीय सीमा तक की जाए। 6. व्यापारियों की बीमा राशि पांच से बढ़ाकर बीस लाख रुपये करने एवं दुर्घटना की स्थित में नि:शुल्क इलाज की सुविधा की मांग की।
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