गंगा के बढ़ने से गांव पानी से घिरे

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With the rise of Ganga, the village is surrounded by waterPC: अमर उजाला

फर्रुखाबाद।/अमृतपुर। गंगा का जलस्तर बढ़ने से दो दर्जन से अधिक गांवों में पानी घुसने लगा है। इससे ग्रामीण भयभीत है। रामगंगा के जलस्तर में 10 सेंटीमीटर की कमी होने से कटान ने तेजी पकड़ ली है। मंगलवार को नरौरा बांध से गंगा में 91153 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा का जलस्तर 136.30 से बढ़कर 136.55 मीटर पर पहुंच गया है। जो चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से पांच सेंटीमीटर कम रह गया है। चेतावनी बिंदु के नजदीक जलस्तर पहुंचने से गांव रामपुर, जोगराजपुर, आशा की मड़ैया, उदयपुर, नगरिया जवाहर, बमियारी, राम प्रसाद नगला, कालिका नगला, जटपुरा कैलियाई, कुडरी, मंझा की मड़ैया, हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर समेत दो दर्जन से अधिक गांवों में पानी भरना शुरू हो गया है। इन गांवों को जाने वाले मार्गों पर पानी भरने से ग्रामीणों को आवागमन प्रभावित हो गया है। रामगंगा में मंगलवार को खो हरेली रामनगर से 7916 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इस कारण जलस्तर 135.50 से कम होकर 135.40 मीटर पर आ गया है। इस कारण रामगंगा से प्रभावित होने वाले गांवो का कटान तेज हो गया है। तीसराम मड़ैया के घर पानी में घिरे, निकलना मुश्किल अमृतपुर। तीसराम मड़ैया के ग्रामीणों के सामने अब दोहरा संकट छाया हुआ है। एक तरफ गंगा की धारा मुड़ने से गांव का कटान तेजी से हो रहा है और दूसरा जलस्तर बढ़ने से गांव से निकलने वाले रास्ता पानी भरने से बंद हो गया है। वह गांव मेें फंस गए है। तीसराम की मड़ैया के ग्रामीण पड़ोसी गांव बंगला में पहुंच कर आशियाना बनाया है। वह गांव से धीरे-धीरे कर सामान ट्रैक्टर ट्राली, बैलगाड़ी और भैंसा गाड़ी से लेकर जा रहे थे। गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु के नजदीक पहुंचने के कारण गांव के चारों और पानी भर गया है। रास्ता बंद होने से गांव में ग्रामीण फंस गए है। वह मकान गिरने से खुले मेें रखे सामान को गांव से निकाल कर बंगला तक नहीं ले जा पा रहे है। इस कारण परिवार के आधे लोग बंगला गांव में और आधे लोग तीसराम मड़ैया में रह रहे है। यहां के ग्रामीणों को बुरा हाल है। एसडीएम ने कटान और सुविधाओं की मांगी रिपोर्ट अमृतपुर। उपजिलाधिकारी वृजकिशोर दुबे ने कार्यभार ग्रहण करते हीं बाढ़ प्रभावित गांवों में हो रहे कटान और पीड़ितों को दी गई सुविधाओं के संबंध में तहसीलदार शेखआलमगीर और कानूनगो मनोज दीक्षित से रिपोर्ट मांगी है। एसडीएम ने डा. प्रमित राजपूत को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित गांवों के लिए जो स्वास्थ्य टीमेें बनाई हैं। उनका रोस्टर उलब्ध कराया जाए। प्रत्येक टीम के गांव में जाने की रिपोर्ट शाम को उपलब्ध कराई जाए। एसडीएम के सामने चकबंदी लेखपाल कुवर सिंह और तहसील लेखपाल प्रकाश यादव के आपसी मतभेद के कारण तीसराम मड़ैया के लोगों को रहने के लिए जमीन न मिलने का मामला सामने आया। लेखपाल प्रकाश यादव ने बताया कि चकबंदी लेखपाल जमीन संबंधी अभिलेख नहीं उपलब्ध करा रहे है। इस कारण जमीन नहीं दी जा सकी। एसडीएम ने एसीओ वसीम हैदर को निर्देश दिए है कि लेखपाल को भेज कर दो दिन में जमीन दिए जाने की प्रक्रिया पूरी कर रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए।
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