बेटे की बरही में शामिल होने आ रहे थे मेजर आशीष

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Lucknow Bureau

फैजाबाद। जम्मू-अखनूर मार्ग पर अखनूर पुल के पास बुधवार को हादसे में फैजाबाद के खंडासा थाने के खानपुर गांव के रहने वाले मेजर आशीष तिवारी (32) की मौत हो गई थी।इसकी खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव समेत शहर के नियावां स्थित आवास पर शोक की लहर दौड़ गई। दिवंगत मेजर की पत्नी अखनूर के डिवीजनल हेडक्वार्टर में रहती है।बेटी पूजा से मिलने मां पुष्पा अमेरिका गई है। रिटायर आर्मी अफसर पिता दिल्ली में रहते हैं। शहर के मकान में किराने पर रहने वाले लोग परिवार के बेहद निकट है।उनका कहना है कि मेजर को हाल में ही पुत्र रत्न प्राप्त हुआ था। उसकी बुधवार को बरही थी। प्रशासन का कहना है यहां पार्थिव शरीर लाने की सूचना नहीं है।फैजाबाद के खंडासा थाने के खानपुर गांव के निवासी रिटायर्ड सूबेदार योगेंद्र नाथ तिवारी के दो पुत्र व एक पुत्री में सबसे बड़े पुत्र आशीष तिवारी सेना की 10वीं सिग्नल डिवीजन के अखनूर में तैनात थे।वह बुधवार को कार से अखनूर से डिवीजन हेड क्वार्टर स्थित आवास पर बेटे की बरही संस्कार में भाग लेने जा रहे थे। रास्ते में उनकी कार अनियंत्रित होकर बिजली के खंभे से टकरा गई थी। हादसे में मेजर आशीष तिवारी की मौत हो गई। हादसे की सूचना पर फैजाबाद शहर के निवायां स्थित उनके मकान में किराए पर रहने वाली शालिनी तिवारी समेत पूरे परिवार के आंसू थम नहीं रहो है।शालिनी का कहना है कि मेजर सुलझे व मिलनसार थे। वह अंतिम बार यहां 24 जनवरी को आए थे। पड़ोसी पवन अग्रवाल बताते हैं कि 13 साल पहले उन्होंने साथ में ही मकान बनवाया था। वह बेहद संजीदा इंसान थे।हमेशा मुस्करा कर बात करना उनके अंदाज में शामिल था। पड़ोसी तेजेंद्र कौर व शशी कहतीं हैं कि वो अकसर फोन से हाल चाल लिया करते थे। पिछले साल मेजर की कैंट पुलिस से हुई थी झड़पबीते साल अगस्त में मेजर आशीष की गाड़ी मछली मंडी के पास कैंट में एक गाड़ी से टकरा गई थी। इस दौरान उनकी कैंट थाना पुलिस से झड़प हुई।पुलिस वाले आक्रोश में उन्हें थाने उठा ले गए और रात में रोककर पिटाई भी की थी। मामले में शांतिभंग की आशंका में जेल तक भेजने की कार्रवाई हुई।मेजर का फोन छीन लिया गया था। वे पुलिस कर्मियों को बताते रहे कि सेना में अधिकारी है। बाद में रिहा होने पर मेजर ने इसकी सूचना परिवार व सेना कमांड को दी।तब वे लखनऊ में सिग्नल कोर में तैनात थे। मामले में सेना के कड़े रुख के बाद तत्कालीन एसएसपी मोहित गुप्ता ने तत्कालीन थानाध्यक्ष राजीव गुप्ता समेत पूरे थाने पर कड़ी कार्रवाई की। पिटाई करने वाले सस्पेंड हुए थे। बाकी सभी लाइन हाजिर कर दिए गए।दिल्ली में पिता को सौंपा गया शवमेजर आशीष तिवारी की मौत की सूचना मिलने पर सिटी मजिस्ट्रेट छोटेलाल मिश्र, सीओ अयोध्या राजू साव व कैंट थाना प्रभारी राजेश सिंह आदि उनके फैजाबाद स्थित आवास पर पहुंचे और जानकारी जुटाई।कैंट थाना प्रभारी ने बताया कि मेजर का पार्थिव शरीर फैजाबाद नहीं आएगा। शव को दिल्ली में रहने वाले पिता को सौंप दिया गया है।
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