अंधतानिवारण कार्यक्रम को पहले दिन लगा झटका

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Gorakhpur Bureau

देवरिया। आधी-अधूरी तैयारी के साथ गुरुवार से शुरू होने वाला अंधता निवारण कार्यक्रम को पहले दिन झटका लगा। जिला अस्पताल में आए दस मरीजों को घंटों इंतजार के बाद बिना ऑपरेशन कराए लौटना पड़ा। इसकी वजह जिला अस्पताल का ओटी खाली नहीं होना बताया जा रहा है। अंधता निवारण कार्यक्रम के लिए 20 दिन से जिम्मेदार तैयारी में लगे थे। कैंप आयोजित कर मोतियाबिंद वाले रोगियों का जिला अस्पताल, सलेमपुुुर सीएचसी और बरहज सीएचसी पर ऑपरेशन के लिए स्थान तय किया गया था। इसमें नेत्र सर्जन डॉ. महबूब आजम, डॉ. विपिन जनार्दन राय और जिला अस्पताल के डॉ. प्रकाश श्रीवास्तव और मनोज सिन्हा की ड्यूटी लगाई गई है। गुरुवार को जिला अस्पताल से कार्यक्रम का शुभारंभ होना था। सुबह नेत्र परीक्षण अधिकारी गोपाल सिंह ने दस मरीजों को आंख के ऑपरेशन के लिए रजिस्ट्रेशन किया था। जिला अस्पताल के सीएमएस ने ओटी खाली नहीं होने की बात कहते हुए ऑपरेशन करने से मना कर दिया। इसकी वजह से मोतियाबिंद मरीजों का ऑपरेशन नहीं हो सका। सीएमएस डॉ. छोटेलाल ने बताया कि जिला अस्पताल में सिर्फ एक ओटी है। ऑपरेशन के लिए खुद मरीजों की लाइन लगी है। ऐसे में अंधता निवारण शिविर के लिए अलग से ओटी की व्यवस्था उन लोगों को करनी चाहिए।
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