समाज कल्याण घोटाले में गबन का आरोपी गिरफ्तार

Home›   City & states›   accused arrested in embezzlement of welfare Society scam

आजमगढ़/ब्यूरो, अमर उजाला

accused arrested in embezzlement of welfare Society scamPC: File Photo

अमर उजाला ब्यूरोा। समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण और प्रोबेशन विभाग में छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति और पेंशन के नाम पर हुए 150 करोड़ के घोटाले में पेंशन की 62 लाख की धनराशि के गबन के आरोपी लिपिक को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी वर्तमान में किशोर न्यायालय बोर्ड का पेशकार है। आरोपी सुभाष चंद्र ने तत्कालीन अधिकारियों संग मिलकर धोखाधड़ी से पेंशन के चेक को शुल्क प्रतिपूर्ति में दिखाकर स्कूल के नाम से धन निकाल    कर हड़प गया था। जिले में वर्ष 2007 से 2013 तक समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण और प्रोबेशन विभाग में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के जरिए 150 करोड़ से अधिक का घोटाला किया गया था। इसमें छात्रवृत्ति, कन्या विद्याधन, विधवा पेंशन, विकलांग पेंशन और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के कई मद शामिल हैं। जिलाधिकारी के आदेश पर अपर सांख्यिकी अधिकारी सुनील सिंह द्वारा की गई जांच में करीब 2.80 करोड़ के घोटाले साक्ष्य मिलने पर कप्तानगंज थाने में दो, सिधारी और शहर कोतवाली में एक-एक रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसमें तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी सहित कुल 34 लोगों को नामजद किया गया था। पुलिस की कार्रवाई भी महज रिपोर्ट दर्ज करने तक ही सिमटकर रह गई। मार्च 2016 को तत्कालीन डीएम ने शासन से मामले की जांच किसी एजेंसी से कराने की मांग की थी। इसके बाद जिन आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी, उनकी जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई थी। इसी मामले में एक रिपोर्ट प्रोबेशन विभाग के तत्कालीन पेंशन पटल सहायक एवं वर्तमान में किशोर न्यायालय बोर्ड मऊ के पेशकार सुभाष चंद्र पुत्र श्रीराम निवासी आराजीबाग के खिलाफ सिधारी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसने पेंशन के 62 लाख रुपये के चेक को फर्जीवाड़ा कर इसे शुल्क प्रतिपूर्ति बता बलिराम बेचू इंटर कालेज के खाते से भुनाकर गबन कर लिया गया था। इसमें कॉलेज के प्रधानाचार्य भी दोषी पाए गए थे। क्राइम ब्रांच के प्रभारी निरीक्षक कुंवर बीपी सिंह ने बुधवार को किशोर न्यायालय बोर्ड मऊ के पेशकार सुभाष चंद्र रोडवेज बस स्टैंड के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। आरोपी की गिरफ्तारी की बाद क्राइम ब्रांच उसे रिमांड पर लेकर और भी साक्ष्य जुटाने और पूछताछ की तैयारी कर रही है। समाज कल्याण घोटाले में गबन समाज कल्याण विभाग उस समय पिछड़ा वर्ग कल्याण और प्रोबेशन विभाग की नोडल विभाग होता था। विभागीय अधिकारियों की संस्तुति पर कल्याणकारी योजनाओं के तहत कोषागार से बैंक के नाम पर धनराशि का चेक निर्गत कर दिया जाता था। ये सिर्फ बैंक के नाम से जारी किया जाता था। किस मद में होता था इसकी जानकारी चेक पर नहीं होती थी। इसके साथ एक मेमो लगाया था कि बैंक में इतने लाभार्थियों का खाता है। इसी तरह पेंशन का चेक बैंक के नाम से जारी किया गया था, जिसे तत्कालीन पटल सहायक सुभाष चंद्र ने प्राप्त किया था। इसके बाद बैंक ले जाकर ये बताया गया कि ये चेक शुल्क प्रतिपूर्ति का है और इसे बलिराम बेचू इंटर कालेज के खाते से भुना लिया गया। रुपये कालेज के खाते में गए यहां से बंदरबांट कर ली गई।
Share this article
Tags: azamgarh news , embezzlement , arrest , crime news , court , welfare society scam ,

Most Popular

सलमान खान के लिए असली 'कटप्पा' हैं शेरा, एक इशारे पर कार के आगे 8 km तक दौड़ गए थे

6000 लड़कियों ने 'बाहुबली' को शादी के लिए किया था प्रपोज, सबको ठुकरा थामा इस हीरोइन का हाथ

13 साल की उम्र में एक राजा ने बेगम अख्तर को दिया था ऐसा जख्म, हादसे के बाद बन गई थीं मां

हेमा मालिनी ने पहली बार खोला सौतेले बेटे सनी देओल के साथ संबंधों का राज

बिहार की लड़की ने प्रेमी की डिमांड पर पार की सारी हदें, दंग रह गए लोग

BIGG BOSS 11: क्यों नहीं हुई प्रियांक शर्मा की घर में एंट्री, ये है नया ट्विस्ट