भड़के किसानों ने सरकारी आदेशों को दिखाया ठेंगा, पराली जलाई

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Panchkula bureau

भड़के किसानों ने सरकारी आदेशों को ठेंगा दिखाकर पराली जलाईपटियाला के गांव महिमदपुर में सरकार के खिलाफ किसानों के धरने का अंतिम दिन एलान, मांगें पूरी न होने पर अगली फसल की तैयारी के लिए पराली को लगाएंगे आग सरकार को एक महीने का अल्टीमेटम दिया, मांगें न मानीं तो आंदोलन छेड़ा जाएगाअमर उजाला ब्यूरोपटियाला। कैप्टन सरकार के खिलाफ भड़के किसानों ने मंगलवार को गांव महिमदपुर में चल रहे धरने के अंतिम दिन सरकारी आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए सांकेतिक तौर पर पराली के ढेर को आग लगाई। इस मौके पर आंदोलनकारी किसानों ने सरकार के खिलाफ लड़ाई छेड़ते हुए यह भी एलान कर दिया कि वह अगली फसल की तैयारी के लिए पराली को आग लगाएंगे। किसानों ने चेतावनी दी कि सरकार को 27 अक्तूबर तक का समय दिया जाता है, तब तक मांगें न मानीं, तो अगले आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। इस मौके पर जेलों से रिहा होकर आए किसानों को भी विभिन्न किसान जत्थेबंदियों ने सम्मानित किया। मंगलवार को सात किसान जत्थेबंदियों के इस धरने में पंजाब भर से बड़ी संख्या में किसान अपने परिवार की महिलाओं के साथ शामिल हुए। जिन्होंने सरकार खिलाफ जमकर नारेबाजी की।इस दौरान भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) से जोगिंदर सिंह, भारतीय किसान यूनियन एकता डकौंदा से बूटा सिंह बुर्जगिल, किसान संघर्ष कमेटी पंजाब के कंवलप्रीत सिंह पन्नू, किरती किसान यूनियन के निरभै सिंह ढुडीके, बीकेयू क्रांतिकारी के सुरजीत सिंह फूल, आजाद किसान संघर्ष कमेटी के हरजीत सिंह ने एलान किया कि बैंकों, आढ़तियों, सूदखोरों के किसी भी तरह के कर्ज की जबरी उगाही नहीं करने दी जाएगी। इसका किसान जत्थेबंदियां जबरदस्त विरोध करेंगी। पंजाब सरकार ने धान पर 200 रुपये प्रति क्विंटल बोनस का एलान नहीं किया और न ही कोई ठोस हल पेश किया है। साथ ही मांग की कि सरकार लावारिस पशुओं का पक्का हल करे। आबादकार किसानों को जमीनों के मालिकी हक दिए जाएं। काश्तकार किसानों के नाम गिरदावरियां की जाएं। बाढ़ पीड़ित किसानों को फसलों की बर्बादी का मुआवजा तुरंत दिया जाए। साथ ही नौजवानों के लिए रोजगार का पक्का प्रबंध किया जाए। इस मौके पर किसान नेताओं ने वाराणसी में स्टूडेंट्स पर लाठीचार्ज की निंदा की। एक और किसान नेता बीमारक्रांतिकारी किसान यूनियन के प्रधान शिंदर सिंह नत्थूवाला परसों जेल से रिहा होकर आए थे। मंगलवार को धरना देते समय ब्लड प्रेशर कम होने के कारण वे गिर गए। उन्हें पहले राजिंदरा अस्पताल ले जाया गया। बाद में उन्हें अमर अस्पताल में दाखिल कराया गया है। किसानों ने सरकार से इनके इलाज का खर्च देने की मांग की है। फोटो नंबर-26पीटीएल02, 03कैप्शन-पटियाला के गांव महिमदपुर की दाना मंडी में मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ परिवारों समेत धरना देते किसान।
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