साहित्य अकादमी कवि सम्मेलन: चिली के कवि राऊल जूरिटा ने भारतीय साहित्य को सराहा

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टीम डिजिटल/अमर उजाला

in Sahitya Akademi Kavi Sammelan Chilean poet Raul Zurita appreciated Indian literature

साहित्य अकादमी स्थित रवींद्र भवन में चिली दूतावास के सौजन्य से बृहस्पतिवार (9 नवंबर) को ‘दर्द का सागर’ विषय पर कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। इस मौके पर दक्षिण अमरीकी देश चिली के कवि राऊल जूरिटा मुख्य कवि रहे, वहीं भारत के कई नामी कवियों ने समाज के विभिन्न पहलुओं से जुड़ी अपनी हिंदी और अंग्रेजी कविताओं का पाठ किया। शुरुआत कवि केदारनाथ सिंह द्वारा राऊल जूरिटा को पुस्तक भेंट कर की गई। इसके बाद राऊल जूरिटा ने अपनी तीन कविताओं का स्पेनिश में पाठ किया। साथ ही कविताओं में छुपे अर्थ को मौजूद कवियों तक पहुंचाने के लिए अंग्रेजी में भी वाचन किया। उनकी एक हिंदी में अनुवादित कविता प्यार का रेगिस्तान को एक हिंदी कवि ने अपनी आवाज दी। कविताओं की प्रस्तुति के साथ जूरिटा ने भारतीय साहित्य की सराहना की। इस अवसर पर चिली दूतावास के अधिकारी एंड्रयूज और गुस्ताबल समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  कवि केदारनाथ सिंह ने अपनी एक कविता की लाइनें पढ़ीं जिनमें लिखा था, अपनी एक टांग पर खड़ा है ये शरीर, अपनी दूसरी टांग से बिल्कुल बेखबर। इसके अलावा उन्होंने अपनी कविता के जरिये  एक संत की आगरा से सीकरी तक की यात्रा का जीवंत वर्णन किया। कवि के सचिदानंद ने शिमला की यात्रा पर आधारित कविता 'दी वे टू हेवन' से लोगों को अवगत करवाया। इस मौके पर उन्होंने अपनी कविताओं 'समथिंग आफॅ नाउ', 'द गर्ल ऑफ थर्टी' और 'सुसाइड नोट' भी पेश कीं। कवि केकी एन दारूवाला ने अपनी अंग्रेजी कविताओं लोरका, फिश, गाइड, फायर अल्टर, गोड्डेस दुर्गा और यरूशलम के जरिये लोगों को भारतीय समाज के संबंध में अपने नजरिये को लोगों के समक्ष रखा। वहीं कवि अनामिका ने राब्या फकीर इन खोली नंबर-6 से सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। इसी कड़ी में उन्होंने सेल्फी और साल्ट शीर्षक से अपनी कविताएं प्रस्तुत कीं। उधर, प्रसिद्ध बांग्ला कवि सुबोध सरकार ने मदर ऑफ मणिपुर शीर्षक से कविता प्रस्तुत की। इस कविता में उन्होंने बताया कि मणिपुर की 14 निर्वस्त्र मां इंफाल में फैली अव्यवस्था और अशांति के खिलाफ असम रायफल की युनिट के सामने पहुंचीं और उन्होंने बिना शब्दों के अपनी लाचारी सबके सामने रखी, जिसे देखकर सुरक्षा बलों की भी आंखें भर आईं। 
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Tags: kavya , hulchul , sahitya akademi , kavi sammelan , poet ,

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