जेएलएन फीडर का जीर्णोद्धार का काम शुरू: डा. अभय सिंह

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Rohtak Bureau

जेएलएन फीडर का जीर्णोद्धार का काम शुरू-104 किलोमीटर लंबी जेएलएन फीडर पर खर्च होंगे 300 करोड़ से अधिक -नहर में होगी अगले 50 वर्षों तक पूरा पानी आपूर्ति करने की क्षमता फोटो नंबर दो अमर उजाला ब्यूरो नारनौल। खूबडू से साल्हावास तक दक्षिणी हरियाणा के तीन जिलों में पानी की आपूर्ति करने वाली जेएलएन फीडर के जीर्णोद्धार का काम शुरू हो गया है। नांगल चौधरी के विधायक व मुख्यमंत्री की ओर से गठित सिंचाई सलाहकार एवं निगरानी कमेटी के अध्यक्ष डॉ. अभय सिंह यादव ने वीरवार को झज्जर जिले के गांव मुंदसा के नजदीक इस फीडर पर सीमेंट कंकरीट से नहर को पक्का करने के काम का निरीक्षण किया। विधायक ने बताया कि खूबडू से साल्हावास तक लगभग 104 किलोमीटर लंबी जेएलएन फीडर पर लगभग 300 करोड़ रुपये इसके जीर्णोद्धार पर खर्च होंगे। इसे ईंटों की जगह सीमेंट कंकरीट से बनाया जाएगा। एक हिस्से में ईंटों पर ही आरसीसी डाली जा रही है। दूसरे हिस्से में ईंटों को उखाड़कर आरसीसी डाली जा रही है और तीसरे हिस्से में आरसीसी के साथ स्टील डाला जा रहा है। इसके बाद इन तीनों तकनीक को आईआईटी रुड़की व दिल्ली के सीनियर इंजीनियर डिजाइन को पास करेंगे। इंजीनियरों द्वारा जो भी तकनीक सही पाई जाएगी उसी से समस्त नहर का पुनर्निर्माण होगा। डॉ. यादव ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को अगले दो साल के अंदर-अंदर पूरा कर लिया जाएगा। यह काम पूरा होने के बाद जेएलएन फीडर की पूरी क्षमता के मुताबिक 3500 क्यूसिक पानी चल सकेगा। इसी बारिश के सीजन में 2750 क्यूसिक पानी की आपूर्ति हो पाई थी। इससे पहले कई वर्षों से केवल 2000 क्यूसिक पानी की आपूर्ति हो पा रही थी। उन्होंने बताया कि नहर के जीर्णोद्धार होने के बाद अगले 50 वर्षों तक इस नहर में पूरा पानी लाने के इंतजाम हो जाएगा। इसके साथ ही बारिश में जब तक यमुना में पानी पर्याप्त मात्रा में रहेगा तब तक दक्षिणी हरियाणा के तीनों जिलों में बरसाती पानी से नहरें लबालब रहेंगी। डॉ. अभय सिंह की अध्यक्षता में बनी थी कमेटी वर्ष 2014 में सरकार बनने के बाद भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री ने इस क्षेत्र में उपलब्ध पानी को समुचित मात्रा में पहुंचाने का वायदा किया था। इसके लिए उन्होंने नांगल चौधरी के विधायक की अध्यक्षता में सिंचाई सलाहकार एवं निगरानी कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में पुराने पड़ चुके पंप हाउसों को बदलने और जेएलएन फीडर के पुनरोद्धार करने को कहा। इसी का नतीजा रहा कि इस बार नए पंप हाउस लगते ही पहली बार बारिश के सीजन में नहर में लगातार 2750 क्यूसिक पानी चला।
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