डेंगू जांच किट का स्टाक समाप्त, एक सप्ताह से नहीं मिल रही रिपोर्ट

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Rohtak Bureau

डेंगू जांच किट का स्टाक समाप्त, एक सप्ताह से नहीं मिल रही रिपोर्टअमर उजाला ब्यूरोफतेहाबाद। जिले में डेंगू का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग डेंगू के बढ़ते मामलों को लेकर जहां चिंतित है, वहीं डेंगू के लिए होने वाले अलाइजा टेस्ट की रिपोर्ट समय पर न मिलने के कारण मरीज भी काफी परेशान हैं। अमूमन यह रिपोर्ट नागरिक अस्पताल में 3 दिन में ही मिल जाती है, लेकिन इन दिनों एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी मरीजों को रिपोर्ट नहीं मिल रही है। इसके कारण तो कई हैं, लेकिन बड़ा कारण विभाग के मुख्यालय से टेस्ट किट का ना पहुंचना है। वहीं लैब टेक्निशयन की कमी भी इसका बड़ा कारण है। हालांकि विभाग का कहना है कि डेंगू रिपोर्ट के देरी से होने के कारण मरीज के इलाज में कोई फर्क नहीं पड़ता। इसमें सावधानी बरती जानी होती है और जो दवाएं देनी होती हैं, वह दी जाती हैं। जिला में इन दिनों डेंगू, वायरल व स्वाइन फ्लू का कहर बना हुआ है। डेंगू के तो काफी मामले सामने आ चुके हैं। बीते दो सप्ताह में डेंगू आशंकित मरीजों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हो गई है। पहले फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में केवल सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों का ही डेंगू का टेस्ट होता था। इस बार सिविल सर्जन के आदेशों पर निजी अस्पतालों में आने वाले मरीजों का भी टेस्ट नागरिक अस्पताल में करवाए जा रहे हैं। जांच के लिए किट आती है, जो काफी महंगी होती है। इस किट से डेंगू का अलाइजा टेस्ट किया जाता है और एक बार में इस किट के द्वारा 96 मरीजों की जांच की जा सकती है।मरीजों की बढ़ी संख्या के कारण खत्म हुआ स्टाकजिला में डेंगू की किट का 15 अक्तूबर का पर्याप्त स्टाक था, लेकिन एकाएक बढ़ी मरीजों की संख्या के कारण यह किट समाप्त हो चुकी हैं और नई किट अभी तक नागरिक अस्पताल में नहीं पहुंची हैं। जिस कारण मरीजों को जांच रिपोर्ट मिलने में देरी आ रही है। पिछले साल 3 माह में जहां 100 मरीजों के ही डेंगू टेस्ट हुए थे, वहीं इस बार अब तक डेंगू जांच के मरीजों की 350 तक पहुंच गई है। नागरिक अस्पताल में रतिया व टोहाना के निजी अस्पतालों के भी सैंपल जांच के लिए आ रहे हैं।लैब टेक्निशयन को दो-दो कामवहीं एक अन्य कारण यह भी है कि नागरिक अस्पताल में लैब टेक्निशयन के 5 पद हैं। एक समय में एक लैब टेक्निशयन ड्यूटि करता है और उसको लैब के साथ-साथ ब्लड बैंक का काम भी देखना पड़ता है। एक समय में दो काम नहीं हो सकते, क्योंकि डेंगू टेस्ट का प्रोसेस करीब 7-8 घंटे का होता है और प्रोसेस के समय उसके पास रहना अति आवश्यक है। इस बीच ब्लड बैंक का काम भी होता है, जिस कारण लैब टेक्निशयनों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है और काम भी डिस्टर्ब होता है। डेंगू जांच का प्रोसेस काफी जटिल होता है, इसमें केमिकल्स डालना, सैंपल की देखभाल शामिल हैं और हर घंटे बाद प्रोसेस की जांच की जाती है। ऐसे में अगर जांच के दौरान एक भी प्रोसेस छूट जाए तो रिजल्ट पर प्रभाव पड़ता है। इसलिए इसमें काफी सावधानी बरतनी पड़ती है। एक दो दिन में आ जाएगी किट: मनोजलैब टेक्निशयन मनोज कुमार ने बताया कि हमारे पास 15 अक्तूबर तक डेंगू टेस्ट किट का स्टाक उपलब्ध था, लेकिन एकाएक डेंगू जांच के मरीजों की संख्या बढ़ गई। जिस कारण किट समाप्त हो गई हैं और यह एक या दो दिन में आ जाएंगी। इसके बाद मरीजों को समय पर रिपोर्ट मिल जाएगी। उन्होंने बताया कि यह मसला इसी सप्ताह हुआ है, पहले मरीजों को 3 दिन में ही रिपोर्ट मिल रही थी।एक या दो टेस्ट करने संभव नहीं: सीएमओसीएमओ डा.मनीष बंसल ने बताया कि डेंगू का अलाइजा टेस्ट काफी महंगा होता है। इसकी एक किट में 8 सैंपल डाले जाते हैं। अगर एक या दो सैंपल डाले जाएं तो बाकी 6 सैंपलों की किट खराब हो जाती है। इसलिए हम कोशिश करते हैं कि अधिक से अधिक सैंपल उनके पास आएं और एक बारी में ही सभी का टेस्ट ले लिया जाए। इसी कारण थोड़ी देरी होती है। वहीं टेस्ट रिपोर्ट लेट आने से मरीज के इलाज में कोई असर नहीं पड़ता। बस इसमें परहेज रखना जरूरी है, जबकि इलाज के लिए जो दवाएं दी जाती हैं, वह मरीज को उपलब्ध करवाई जाती हैं।
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