धर्मनगरी में भगवान वाल्मीकि की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई

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Dehradun Bureau

अमर उजाल ब्यूरो हरिद्वार। धर्मनगरी में भगवान वाल्मीकि जयंती धूमधाम से मनाई गई। भगवान वाल्मीकि के मंदिरों में पूजा अर्चना के साथ ही महारामायण का पाठ किया गया है। कई जगह बैठक कर उनके चरित्र और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया। सेलमपुर में सुंदर झांकियों के साथ शोभायात्रा निकाली गई। आदिधर्म समाज की ओर से सलेमपुर स्थित वाल्मीकि अनंत मंदिर में वाल्मीकि समाज से जुड़े लोगों ने ध्वजारोहण किया। इस मौके पर हुई गोष्ठी में धर्म प्रचारक नरेंद्र कांगडा ने वाल्मीकि प्रगट दिवस का महत्व समझाया और भगवान वाल्मीकि के चरित्र और उपलब्धियों के बारे में बताया। नरेश तेश्वर और अनुज कांगडा ने कहा कि भगवान वाल्मीकि के हाथ मेें जो कलम है, उसका इशारा तो एक है, लेकिन कारण अनेक हैं। उन्होंने कहा कि वाल्मीकि बहुत से शास्त्रों की रचना की है। गोष्ठी के बाद भव्य शोभायात्रा निकाली गई। जिसमें भगवान वाल्मीकि, डा. अंबेडकर, महात्मा रावण, एकलव्य, महाराजा बबरीक, लव- कुश की झाकियां निकाली गई। इस मौके पर राजवीर सौदाई, अरुण कांगडा, राहुल सौदाई, अंकित कांगडा, विशाल कांगडा, इतवारी कांगडा, प्रदीप कांगडा, नरेश तेश्वर, मोनू चंचल, भोला मंचल, गुलशन, बंटी, मोहित, अरुण सौदाई आदि ने सहयोग किया। उधर जयंती के अवसर पर उत्तराखंड पिछड़ा एवं दलित महासंघ की बैठक में महर्षि के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन किया गया। इस मौके पर महासंघ के अध्यक्ष वेदप्रकाश ने महर्षि के जीवन चरित्र तथा उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। महासचिव विजय सिंह पाल ने कहा कि समाज के विकास के लिए पिछड़ा एवं दलित वर्ग को संगठित होना चाहिए। विजय सिंह ने कहा कि सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक एवं शैक्षिक भागीदारी की उपेक्षा के लिए राष्ट्रीय नीति नियताओं के प्रति रोष भी जताया। इस मौके पर सुरेंद्र ठाकुर, वीरेंद्र कुमार पाल, दीपा सैनी, अमर सिंह शाक्य, रमेश वाल्मीकि, प्रताप गौतम, सुलेख चंद्र तोमर, कपिल पाल, हिमांशु, शक्ति प्रजापति, रामकुमार कश्यप, सुभाष राठौर, भगत सिंह ठाकुर आदि उपस्थित थे। उधर वाल्मीकि पंचायत कमेटी ने भी ज्वालापुर के वाल्मीकि घाट में पहुंचकर जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई। इस मौके पर चौधरी सुरेश, अरविंद चंचल, लक्ष्मीचंद्र, मनमोहन द्रविड, सलेकचंद्र, अशोक हवलदार आदि उपस्थित रहे।
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