चकबंदी से ही बचेगी कृषि भूमि: सुशील

Home›   City & states›   चकबंदी से ही बचेगी कृषि भूमि: सुशील

Dehradun Bureau

कृषि भूमि बंजर होने से बचाने को चकबंदी जरूरी-- सीएम योगी के पैतृक गांव में चकबंदी का प्रस्ताव हुआ पारित अमर उजाला ब्यूरो ऋषिकेश। यमकेश्वर ब्लॉक में चकबंदी लागू करने के लिए पौड़ी के जिलाधिकारी सुशील कुमार की मौजूदगी में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के पैतृक गांव पंचूर और सीला में काश्तकारों की बैठक हुई। इस दौरान डीएम और चकबंदी विशेषज्ञों ने काश्तकारों को चकबंदी से जुड़ी तकनीकी जानकारियां दी और इससे किसानों को होने वाले फायदे बताए। इस दौरान जिलाधिकारी ने पहाड़ों में कृषि को पुनर्जीवित करने के लिए चकबंदी को जरूरी बताया, साथ ही इसके महत्व को काश्तकारों को समझाया। उन्होंने कहा कि पहाड़ों में भौगोलिकता के आधार पर स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा। इससे उन्नत खेती की विधियों से रूबरू होने के बाद चकबंदी से काश्तकारों के लिए लाभकारी होगी। उन्होंने पहाड़ों में लगातार घटते जलस्रोतों और कृषि योग्य भूमि को बंजर होने से बचाने के लिए चकबंदी को जरूरी बताया। कहा कि इससे पहाड़ों में किसानों की बिखरी खेती को एकजुट करना है। डीएम ने काश्तकारों को भरोसा दिलाया कि किसी भी काश्तकार को चकबंदी के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। पौड़ी जिले में पहले से ही ग्रामीणों की सहमति पर तीन गांवों में चकबंदी कार्य शुरू कर दिया गया है। पंचूर चकबंदी शुरू करने वाली चौथी ग्राम सभा होगी। इस दौरान डीएम ने स्थानीय लोगों को स्वच्छता की शपथ भी दिलाई। कार्यक्रम में सीडीओ विजय कुमार जोगदंडे, परियोजना निदेशक एसएस शर्मा, मुख्य कृषि अधिकारी डा. देवेंद्र सिंह राणा, चकबंदी विशेषज्ञ दीवान सिंह नेगी, सीएम योगी आदित्यानाथ के पिता आनंद सिंह बिष्ट, सुनील कुमार, डा. सुभाष चंद्र, बीडी पांडेय आदि मौजूद थे।
Share this article
Tags: ,

Most Popular

13 साल की उम्र में एक राजा ने बेगम अख्तर को दिया था ऐसा जख्म, हादसे के बाद बन गई थीं मां

पार्टी में अमिताभ बच्चन की पोती से मिलीं रेखा, ऐश्वर्या ने कहा कुछ ऐसा जिससे बिग बी को होगा गर्व

हेमा मालिनी ने पहली बार खोला सौतेले बेटे सनी देओल के साथ संबंधों का राज

26 अक्टूबर को शनि बदलेंगे अपनी चाल, 3 राशि से हटेंगी शनि की तिरछी नजर

हर्षिता दहिया का एक ऐसा राज सामने आया, जिसे शायद ही कोई जानता हो

हिमाचल विस चुनाव: जानिए किस विस क्षेत्र में किन धुरंधरों के बीच हो रही है चुनावी जंग