संसद में दुर्गावती की प्रतिमा लगे

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Statue of durgawati PC: amar ujala

 चंदेल राजकुमारी दुर्गावती स्मारक समिति के तत्वावधान में रानी दुर्गावती की 493वीं जयंती मनाई गई। कालिंजर में दुर्गावती उद्यान निर्माण और संसद भवन में उनकी प्रतिमा लगाने की मांग की गई। कालिंजर को विश्व धरोहर शामिल करने का भी मुद्दा छाया रहा। सारंग सभागार में गुरुवार को सांसद भैरों प्रसाद मिश्र ने कहा कि विश्व इतिहास में रानी दुर्गावती ने अपने देश की स्वाधीनता व स्वाभिमान की रक्षा के लिए न सिर्फ शस्त्र उठाए व मुगल सम्राट अकबर से संघर्ष भी किया।  आयोजक अजित गुप्ता ने कहा कि ऐसी आत्म बलिदानी दुर्गावती की मूर्ति लोकसभा में अग्रिम पंक्ति में लगनी चाहिए। ऐसी बलिदानी और महान वीरांगना की मूर्ति लोकसभा में अग्रिम पंक्ति में लगाना चाहिए। साथ ही भारत सरकार डाक टिकट भी जारी करे। वरिष्ठ चिंतक और रानी दुर्गावती समिति संयोजक बीडी गुप्ता ने कहा कि वीरांगनाओं में दुर्गावती का स्थान सर्वोच्च है। वह कालिंंजर के राजा कीर्ति राय के पुत्री थीं। शस्त्र चलाने की शिक्षा बचपन से ही हासिल की। केंद्र और एमपी सरकार ने दुर्गावती रेजीमेंट की स्थापना की है। 24 जून को मध्य प्रदेश में उनका बलिदान दिवस मनाया जाता है। पूर्व प्रधानाचार्य बाबूलाल गुप्त ने रानी दुर्गावती की वीरता और संघर्षमय जीवन पर चर्चा की। हरिओम तत्सत ब्रह्म शुक्ल, गोपाल गोयल, राजीव रत्न द्विवेदी, सत्येंद्र गुप्ता, लवलेश कुशवाहा, गार्जिन सिंह ठाकुर, अरविंद झा, रमाकांत त्रिपाठी, सुरेश कान्हा, बाबूलाल गुप्ता आदि मौजूद रहे।  
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Tags: रानी दुर्गावती ,

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