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    Thursday, May 24, 2012  |  Last Update - 12:41 PM IST
कॉलम
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यशवंत व्यास
What bird name is Khanशाहरुख किस चिड़िया का नाम है?
इस बार बात कुछ सीधे-सीधे होनी चाहिए। क्योंकि चीजें गालियों से तनी हुई नसों की ओर मुड़ती चली जा रही है और मामला परदे से बाहर भी इश्क के मुकाबले तेजाब का हो गया है। जब शाहरुख खान को ....
  ...और एक शानदार डाकू होना
  क्लीन चिट, कल्लू मियां और राजा राम
  निष्ठा के पुल पर मोक्ष की यात्रा
  सरकार में पार्टी, पार्टी में सरकार
थॉमस एल फ्रीडमैन
Expectations in the streets of Beirutबेरुत की गलियों में उम्मीदें
जैसे ही मैं बेरुत की गलियों में निकलता हूं, द साउंड ऑफ साइलेंस (1963 में जॉन एफ केनेडी की हत्या के बाद चर्चित हुआ गीत) के शब्द कानों में गूंजने लगते हैं। यहां गलियों की दीवारों और ....
  दिशा बदल सकते हैं ब्लूमबर्ग
  जब देश नाकाम हो जाते हैं
पॉल क्रुगमैन
Time to get out of Euroयूरो से बाहर निकलने का समय
बीते शनिवार को द टाइम्स ने यूरोप में बढ़ती एक खतरनाक प्रवृत्ति पर रिपोर्ट लिखी। यह रिपोर्ट आर्थिक संकट के नतीजतन यूरोप में बढ़ती आत्महत्याओं से संबंधित है। वहां बेरोजगारी और व्यापा ....
  महंगाई नहीं, बेरोजगारी थामिए
निकोलस क्रिस्टोफ
America poor daughtersअमेरिका की बेबस बेटियां
अगर आप सोचते हैं कि अवैध देह व्यापार के अड्डे सिर्फ नेपाल या थाईलैंड जैसे देशों में ही हैं, तो एक अमेरिकी लड़की की दास्तान आपकी राय बदल सकती है। सबसे पहले ब्रियान्ना यानी उस लड़की ....
तवलीन सिंह
Where have we reachedये कहां आ गए हम...
कुछ और कहने से पहले कह दूं कि भाई रेखा के क्या कहने। राज्यसभा में जैसे देवलोक से कोई अप्सरा शपथ लेने पहुंची हो। सुनहरी साड़ी, उनका चमकता गंदुमी रंग, घने काले बाल और अदाएं वही उमराव ....
  सरकार ही नहीं चाहती विदेशी निवेश
  क्यों होती है न्याय में इतनी देरी
  बोफोर्स का भूत फिर आया
  राजनीति के भूगोल में भूल गए इतिहास
शेखर कपूर
The reality of credit ratingक्रेडिट रेटिंग की हकीकत
यह मेरे लिए सचमुच बेहद आश्चर्यजनक है कि स्टैंडर्ड ऐंड पूअर्स नाम का एक निजी वित्तीय संगठन वैश्विक अर्थव्यवस्था को उलट-पुलट सकता है, और सरकारों (यूरो जोन पढ़ें) पर ऐसा कदम उठाने के ....
  अंतहीन दुनिया में
विनीत नारायण
Parliamentary tradition to be proudगर्व करने लायक संसदीय परंपरा
आज जनांदोलनों की अगुआई करने वाले ऐसे बहुत से लोग हैं, जो सांसदों को हर किस्म के अपराधों में लिप्त बताकर यह संदेश देने की कोशिश करते हैं कि हमारी संसदीय प्रणाली नाकाम रही है। साठ बर ....
  राष्ट्रीय सुरक्षा पर सियासत
  साझा सरकार की सीमाएं
  अश्लीलता के विरुद्ध
  साख का सवाल
मधु पूर्णिमा किश्वर
Dangerous game in the Valleyघाटी में खतरनाक खेल
उमर अब्दुल्ला सभी मुख्यमंत्रियों में सबसे भाग्यशाली हैं। अब्दुल्ला और नेहरू-इंदिरा परिवार की तीन-चार पीढ़ियों की स्थायी दोस्ती के कारण उनकी न केवल 10, जनपथ तक सीधी पहुंच है, बल्कि ....
  बांटो और राज करो
  सबको साथ लेकर
  कम होती बच्चियां
  खाकी का खौफ
मार्क टुली
Akhilesh In Uttar Pradeshउत्तर प्रदेश में अखिलेश
राहुल गांधी का कहना है कि उत्तर प्रदेश के चुनाव में पार्टी की विफलता से उन्हें सबक मिला है, और इस बारे में वह व्यापक चिंतन करेंगे। उत्तर प्रदेश के नतीजे पर व्यापक चिंतन की जरूरत ....
  दिल्ली की दास्तान
  उम्मीद के दो दशक
मारूफ रजा
Avoiding controversyविवाद से बचकर
आजादी के बाद से ही भारतीय सेना और सरकार के बीच बेहतर संबंध रहे हैं। भारतीय सेना ब्रिटिश परंपरा का अनुपालन करते हुए सरकार के आगे झुककर खुश है। नागरिक-सैन्य संबंधों के कई पर्यवेक्षको ....
  मुक्तियुद्ध की यादें
  जरा संभलकर
  खुद अपने जाल में
  चीन को चुनौती
श्यौराज सिंह बेचैन
Margins of the lifeहाशिये की जिंदगी
अन्ना हजारे लगातार चर्चा में हैं। अब उनकी चिंता का विषय गांधी का गुजरात है। इसमें कोई शक नहीं कि उन्होंने भ्रष्टाचार-विरोध को एक नया आयाम दिया है। जंतर-मंतर पर उनके सफल आंदोलन के ब ....
  सत्ता में दलित
  दलितों का दर्द
  कितना बदला दलित
  जाति का जतन
सुनील खिलनानी
Politics of resistanceप्रतिरोध की राजनीति
अन्ना हजारे के आंदोलन के साथ ही हाल के दिनों में उभरे खनन विवाद, जमीन विवाद, परमाणु संयंत्र के खिलाफ माहौल या खाप पंचायत या गुर्जरों का क्षोभ जैसे दूसरे आंदोलन केवल सत्ता में स्थित ....
  लोकतंत्र की सीमाएं
  उबल रहा है यूरोप
  तानाशाही का मिथक, लोकतंत्र की बयार
  उत्तर-दक्षिण का भेद
सीताराम येचुरी
Mathematics under pretext of investment returnsनिवेश के बहाने मुनाफे का गणित
हाल ही में मीडिया में आई खबरें बताती हैं कि प्रधानमंत्री और उनके कार्यालय की ओर से एक विशेष आर्थिक संस्था (स्पेशल पर्पस व्हीकल, यानी एसपीवी) के गठन का प्रस्ताव किया गया है। मकसद है ....
  आर्थिक दिशा बदलनी होगी
  खतरे की घंटी
  विज्ञान में पिछड़े
  लोकपाल के अधीन
सुनील
Gandhi if not learn from Olandगांधी से न सही, ओलांद से सीखें
फ्रांस के नवनिर्वाचित समाजवादी राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने पद संभालने के बाद जो पहला फैसला किया, उससे एक स्पष्ट संदेश मिलता है। यह फैसला राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मंत्रियों के ....
  भूमंडलीकरण का शब्दजाल
  थोड़ा-सा नाटक, थोड़ा-सा झूठ
  एक सच, तीन झूठ
  विकास का विद्रूप
कुमार प्रशांत
Still has not lost the battleअभी हारी नहीं गई है लड़ाई
हम सत्यमेव जयते कहते तो बहुत पहले से आ रहे हैं, लेकिन देश में इसकी गूंज कभी इस तरह गूंजी हो, याद नहीं आता। यह भरोसा भी छीजता ही गया है कि सत्य की जीत होती है। लेकिन आमिर खान का पहल ....
  चलिए खोजते हैं अपना राष्ट्रपति!
  इस राजनीति की उम्र कितनी है
  लोकतंत्र की मर्यादा में
  एनसीटीसी तो सिर्फ बहाना है
हामिद मीर
Involves loose gripढीली पड़ती पकड़
ईशनिंदा कानून के विरोध में सलमान तासीर के बाद अब अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री शहबाज भट्टी की जान गई है। लेकिन तथ्य यह है कि पाकिस्तान में आतंकवादी घटनाओं और आत्मघाती हमलों में कमी आ ....
  रिश्ते में खटास
  कट्टरवाद के विरुद्ध
  अयोध्या मुद्दे को हवा न दें
गौतम कौल
Hundred years of cinema liesसिनेमा के सौ साल का झूठ
करीब सप्ताह भर पहले पैंसठवें कांस फिल्म समारोह की शुरुआत हो चुकी है और हर बार की तरह इस बार भी भारतीय फिल्मोद्योग का एक शीर्ष प्रतिनिधमंडल वहां पहुंच चुका है। आने वाले दिनों में मल ....
  रेखा गणेशन मेरी सांसद
  फिल्मों पर प्रतिबंध से आगे
  भारतीय सिनेमा के सौमित्र
  गुरुदत्त की सिफारिश काम आई
मृणाल पाण्डे
Mothers Day and inexplicable storiesमदर्स डे और अकथ कहानियां
जब कभी मदर्स डे के रंगारंग विज्ञापन दिखने लगते हैं, भारतीय मांओं पर सोचते हुए मन में तुलसीदास की पंक्तियां गूंजती हैं, ‘सुनहु तात यह अकथ कहानी, समुझत बनत न जाय बखानी'। मां पर अनगिन ....
  इंडिया और भारत के उपभोक्ता
  जमीनी धरातल और चुनावी वायदे
  कीड़ी - कुंजर और हम लोग
  महामोर्चे की मरीचिका
मेनका गांधी
Be happy Rabbit Keepखुश रहना हो, तो खरगोश पालें
हफ्ते भर पहले मुझे एक महिला ने ईमेल भेजकर बताया कि उसने दो खरगोश खरीद लाए थे, मगर देखते ही देखते वे 25 हो गए। इसके बाद उसने इन सबको एक सार्वजनिक पार्क में छोड़ दिया। दो महीने बा ....
  उनसे दोस्ती कीजिए
  पशुओं से ठीक से पेश आएं
  हिंसा के विरुद्ध
  जंगल पर जंगलराज
पुष्पेश पंत
Now they do not bearअब उन्हें सहन नहीं होता
भारतीय संसद ने अपनी 60वीं सालगिरह मनाने के ठीक अगले दिन जो तेवर दिखलाए, वे भारतीय जनतंत्र के लिए चिंताजनक हैं। हाल के दिनों में इस सिद्धांत का प्रतिपादन सांसदों द्वारा किया जाता रह ....
  जनतांत्रिक परंपरा के नवरत्न
  अपनी गिरफ्त में अफगानिस्तान
  आलाकमान का अवसान
  कब सुलझेगा सीरिया संकट
तरुण विजय
Shrinking Hindus in South Asiaदक्षिण एशिया में सिकुड़ते हिंदू
एक समय था, जब संपूर्ण पूर्वी एशिया पर 700 वर्षों से अधिक लंबे कालखंड तक हिंदू सम्राटों ने एकछत्र राज्य किया था। आज उन्हीं हिंदुओं के उत्तराधिकारी दक्षिण एशिया में अमानुषिक दमन, अत् ....
  बदल रहा है पाकिस्तान!
  गायब हो जाएंगे खुदरा व्यापारी
  दोस्ती की कसौटी पर
  जिसने वक्त बदला
मुहम्मद अकरम
Cricket diplomacyक्रिकेट से कूटनीति
मोहाली में आज विश्व कप का दूसरा सेमी फाइनल मैच भारत और पाकिस्तान के बीच खेला जाएगा, जिसमें पाक प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी मौजूद रहेंगे। इस संदर्भ में भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन ....
  हे ईश्वर उन्हें माफ करना!
सी. उदय भास्कर
leek se hatkarलीक से हटकर
संचार क्रांति किस तरह दुनिया को झकझोर सकती है, उसे विकिलीक्स द्वाराजारी संवेदनशील दस्तावेजों से समझा जा सकता है। दुनिया के तमाम मसले जिस तरह बंद कमरों में कूटनीतिक संवादों के साथ न ....
सागरिका घोष
Stars on the groundजमीन पर सितारे
अगले कुछ घंटों में हम जान जाएंगे कि पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और असम में मतदाताओं ने किन्हें चुना है। 2011 का चुनाव परिणाम क्षेत्रीय क्षत्रपों से संबंधित है। पार्टियां, घोषणापत् ....
  कट्टरवाद का दौर
  अमीरों की दरिद्रता
  रिश्तों की नई डोर
  भेदभाव के विरुद्ध
परंजय गुहाठाकुरता
Wind of recessionमंदी की आहट
देश की अर्थव्यवस्था जिस तेजी से नीचे जा रही है, उसके कई निहितार्थ हैं। अभी डॉलर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड गिरावट तक पहुंच गया है। गिरते-गिरते रुपया पहली बार ५३ के स्तर तक पहुंचा है। ....
  जरूरी हैं छोटे राज्य
  तेल में किसकी आग
  महंगाई की आग
संजीव श्रीवास्तव
Little carefulथोड़ा संभलकर
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने किसी भी विवाद से दूर रहने के लिहाज से ही अगले कैबिनेट सचिव के रूप में उत्तर प्रदेश कैडर के 1974 बैच के आईएएस अफसर अजीत कुमार सेठ की नियुक्ति में वरिष्ठत ....
  दरकता लाल दुर्ग
  तेंदुलकर और अन्ना
  कांग्रेस को सबक
  सियासत की वंशबेल
वंदना शिवा
Democratic face of scienceविज्ञान का लोकतांत्रिक चेहरा
हाल ही में साइंस पत्रिका को दिए एक इंटरव्यू में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बताया था कि देश में विज्ञान के विकास के लिए दो तकनीकों पर ध्यान देना जरूरी है- पहला कृषि में जीई (जेनेटि ....
  बीज में छिपी है खाद्य संप्रभुता
  अन्न स्वराज
  कैसे बचेगी धरती
नीरजा चौधरी
Pranab Mukherjee meant to beप्रणब मुखर्जी के होने का मतलब
हाल के दिनों में प्रणब दा को असामान्य रूप से खुश देखा गया है। यशवंत सिन्हा ने खुले तौर पर उनके राष्ट्रपति भवन जाने का संकेत दिया है। राष्ट्रपति पद के लिए अग्रणी दावेदार के रूप में ....
  यूपीए के लिए भारी पड़ता दांव
  ईमानदारी की भारी कीमत
  मध्यावधि चुनाव की अटकल
  सहयोगी दलों को संभालना होगा मुश्किल
रवीश कुमार
Noise of silence in Ayodhyaअयोध्या में सन्नाटे का शोर
अयोध्या गया था। चौबीस सितंबर के फैसले के मद्देनजर शहर के हर मोड़ पर मोरचा बांधा जा रहा है। हथियारबंद सिपाही तैनात कर दिए गए हैं। हर पांच मिनट पर पुलिस की जीप या पीएसी के ट्रक आते-ज ....
चिंतामणि महापात्र
United States helpless against Iranईरान के खिलाफ मजबूर अमेरिका
तीन दशकों से ज्यादा समय से ईरान अमेरिकी नेतृत्व वाले पश्चिमी जगत को ललकार रहा है। वर्ष 1979 में हुई इसलामी क्रांति ने ईरान में अमेरिका समर्थक शाह शासन को उखाड़कर लोकतंत्र की स्थापन ....
  किसकी जीत!
  दिल्ली और काबुल
  मैदान से बाहर
  अब मुसीबत पाकिस्तान की
सुरेंद्र मोहन
Talk to Pakistanपाकिस्तान से बात
भारतीय जनता पार्टी उन सभी पर बहुत बिगड़ रही है, जो कश्मीर मामले में पाकिस्तान से बातचीत के हिमायती हैं। हाल ही में इसकी जरूरत जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जताई थी। ....
मानवेंद्र सिंह
Commonwealth of apartheidरंगभेद का राष्ट्रमंडल
गांधी जी सौभाग्यशाली थे कि उन्हें 19वीं सदी में दक्षिण अफ्रीका में ‘केवल गोरों के लिए’ आरक्षित ट्रेन से फेंका गया था। यदि वह 21वीं सदी की दिल्ली में चल रहे या गाड़ी चला रहे होते, त ....
आरिफ मुहम्मद खां
The last person expectedआखिरी आदमी की उम्मीद
दिसंबर, 2010 के पहले सप्ताह में एक सम्मेलन में भाग लेने के लिए मैं लंदन में था। वहां एक मित्र ने मुझे रात्रिभोज पर आमंत्रित किया। उनका निवास थोड़ा दूरी पर था, इसलिए मैंने भूमिगत रे ....
  सर सैयद और राष्ट्रीय समरसता
  धर्म के मर्म को समझिए
अनिल चमड़िया
Out of the alphabetवर्णमाला से बाहर
बिवेयर ऑफ पिक पॉकेट। यह वाक्य लोगों को सावधानी बरतने की सलाह देता है। हिंदी में इस वाक्य का अनुवाद है-जेबकतरों से सावधान। दिल्ली के मेट्रो में जो लोग यह वाक्य बार-बार सुनते हैं, उन ....
राम प्रताप गुप्ता
Indifferent to poor diseaseगरीबों की बीमारी पर उदासीन
तपेदिक यानी टीबी के मरीजों की संख्या के लिहाज से भारत का स्थान दुनिया में पांचवां है। एक अनुमान बताता है कि विश्व में तपेदिक से पीड़ित रोगियों में 30 प्रतिशत हिस्सा भारत का है। अपन ....
  महंगी दवाओं का कारोबार
  हादसों की सड़क
  बोझ बुढ़ापे का
  बोतल में बंद पानी
मणिशंकर अय्यर
one day north east will changeपूर्वोत्तर की बदलेगी तसवीर
दिल्ली के नए अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल से यह हमारी पहली उड़ान थी। कॉमनवेल्थ खेलों के लिए बनाए गया यह टर्मिनल उसी की तरह बेहद खर्चीला, कल्पनातीत ढंग से नकली और कृत्रिम सजावट के कारण भड ....
  सरहद से ऊंचा भरोसा
सुब्रत मुखर्जी
Memory of a revoltएक विद्रोह की याद
पैंसठ वर्ष पूर्व हुई थी अंगरेजों के खिलाफ नौसैनिकों की बगावत द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पूरे भारत में एक महान राष्ट्रवादी लहर चल रही थी। इंग्लैंड में नई लेबर सरकार से काफी अपेक्षा ....
जोगिंदर सिंह
Who is VIP in the countryदेश में वीआईपी कौन है
अजीब एक ऐसा शब्द है, जो केंद्र सरकार के रवैये के लिए बिलकुल सटीक बैठता है। विगत अप्रैल में एक फिल्म अभिनेता को न्यूयॉर्क हवाई अड्डे पर रोका गया। हमारी सरकार ने उस फिल्म अभिनेता को ....
  भारी पड़ती ढिलाई
  दंड का भय
  हथौड़ा बनना होगा
कैलाश वाजपेयी
Sonny then Akellne Aeyo Horiलला फिर आइयौ खेलन होरी
अगर आप पारंपरिकता का सहारा लेकर हर वर्ष बनाए गए पंचांग पर दृष्टि डालें, तो पाएंगे कि अपने देश में हर दिन अथवा तिथि किसी न किसी व्रत, पर्व यानी त्योहार के लिए निर्धारित है। पर्व किस ....
विजय विद्रोही
How much should freeकितना मुफ्त कितना अनिवार्य
सर्वोच्च न्यायालय ने अपने ऐतिहासिक फैसले में शिक्षा के अधिकार कानून की वैधानिकता बरकरार रखते हुए देश के हर गरीब बच्चे की उम्मीदें जगाई हैं। शिक्षा के अधिकार को पूरी तरह से कामयाब ब ....
  जरदारी की जियारत के बहाने
  आसान नहीं लोकपाल का रास्ता
  किस काम का ऐसा लोकपाल
  तहरीर चौक में फैज
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