लंदन ओलंपिक के लिए शूटरों का चयन एनआरएआई के लिए फांस बन गया है। चयन इतना मुश्किल बन गया है कि फेडरेशन को अपनी गवर्निंग बॉडी की बैठक बुलानी पड़ गई है। जिसमें एक कोटे को दूसरी इवेंट से बदलकर शूटर का चयन करना है।
ओलंपिक के लिए 11 कोटे एनआरएआई के पास हैं। आईएसएसएफ नियमों के तहत 12 मार्च तक उक्त कोटों में से सिर्फ एक को किसी दूसरी इवेंट से बदलने की छूट होगी। यह बदलाव राइफल, पिस्टल से शॉटगन में भी हो सकता है। चयन समिति ने यह लगभग तय कर लिया है कि सेना के शूटर इमरान हसन खान की ओर से दिलाए गए कोटे को बदला जाएगा। लेकिन इस कोटे के बदले किस इवेंट को लेना है इसी पर जद्दोजहद होनी है। मुकाबले में राज्यवर्धन राठौड़, अंजलि भागवत, हीना सिद्धू और मनशेर सिंह हैं।
एनआरएआई के एडवाइजर बीएस सेठी का कहना है कि यह मुश्किल काम है। किसी तरह का विवाद न हो और पदक के सबसे मजबूत दावेदार का चयन हो। इसी को ध्यान में रखते हुए 14 फरवरी को 29 सदस्यीय गवर्निंग बॉडी की बैठक बुलानी पड़ी है। बॉडी में हुई चर्चा से चयन समिति को आसानी होगी। दिक्कत यह भी है कि कोटा बदलने के लिए पूरी तरह आईएसएसएफ की दया पर निर्भर रहना पड़ेगा। हालांकि सेठी का कहना है कि उन्हें 12 मार्च से पहले दावा करने पर मंजूरी मिल जाएगी। हालांकि कोटा दिलाने वाले शूटर के स्थान पर उसी के इवेंट के दूसरे बेहतर शूटर को भेजा जा सकता है। यहां भी चयन समिति को दो से तीन परिवर्तन करने हैं।
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