खिलाड़ियों और खेल संघों की मांग के बाद खेल मंत्रालय ने लंदन ओलंपिक की तैयारियों में जुटे पॉवर खेलों के लिए फूड सप्लीमेंट की राशि दोगुनी कर दी है। अब तक वेटलिफ्टिंग, बॉक्सिंग, एथलेटिक्स की कुछ इवेंट, कुश्ती जैसे पॉवर गेम्स में खिलाड़ियों को ढाई सौ रुपये प्रति दिन के हिसाब से फूड सप्लीमेंट दिए जा रहे थे। अब यह राशि बढ़ाकर पांच सौ रुपये प्रति दिन कर दी गई है। इसके साथ ही उसने फेडरेशन और खिलाड़ियों को इस राशि से अपनी मनपसंद सप्लीमेंट खरीदने की छूट देकर जोखिम भी मोल ले डाला है।
पॉवर खेलों की तैयारियों ढंग से नहीं हो रही
खेल मंत्री अजय माकन के साथ बीते दिनों हुई बैठकों में वेटलिफ्टिंग और बॉक्सिंग फेडरेशन ने उनसे फूड सप्लीमेंट की राशि बढ़ाने की मांग की। उनका तर्क था कि साई की ओर से ढाई सौ रुपये प्रति दिन प्रति खिलाड़ी को दिया जा रहा सप्लीमेंट कम है। इससे पॉवर खेलों की तैयारियों ढंग से नहीं हो रही हैं। बात जब सप्लीमेंट खरीद की आई तो फेडरेशन अधिकारियों ने इसकी जिम्मेदारी भी अपने सिर ले ली। साई की प्रक्रियाओं में देरी और ओलंपिक में ज्यादा समय नहीं होने की बात देखकर खेल मंत्री ने इसे मंजूर कर लिया। उन्होंने मंत्रालय अधिकारियों को यह भी आदेश दिया कि ओपेक्स-2012 स्कीम में संशोधन कर यह प्रस्ताव डाला जाए।
जिम्मेदारी फेडरेशन और खिलाड़ी को दी गई
हाल ही में खुद सप्लीमेंट खाए जाने के चलते डोप में फंसी स्टार रिले टीम का उदाहरण सामने होने के बावजूद अपना मनपसंद सप्लीमेंट खरीदने की जिम्मेदारी फेडरेशन और खिलाड़ी को दी गई। मंत्रालय के एक उच्चाधिकारी का कहना है कि मांग फेडरेशन की ओर से की गई है। इसलिए उन्हें यह साफ कर दिया गया है कि डोप पॉजिविट केस पाए जाने पर जिम्मेदारी भी उन्हीं की होगी। उनसे यह कहा गया है कि सप्लीमेंटों को खरीदकर उन्हें टेस्ट कराने का जिम्मा भी उन्हीं का होगा। फेडरेशनों यह जिम्मा बेहतरी से उठाने का वायदा कर इसे स्वीकार किया है।
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