ओलंपिक के लिए एथलीटों की तैयारियों को अंतिम रूप लंदन में दिया जाएगा। जुलाई माह में ओलंपिक शुरू होने से एक माह पूर्व एथलीटों को लंदन भेज दिया जाएगा। जहां वे ट्रेनिंग के साथ वहां होने वाले कुछ कंपटीशनों में भी उतरेंगे। खेल मंत्री अजय माकन ने एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एएफआई) की ओर से रखे गए इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे की है। यही नहीं पीटी ऊषा की ओर से उनकी शिष्या टिंटू लूका को तैयारियों के लिए यूरोपीय दौरे पर भेजने को भी मंजूरी दे दी गई है।
फेडरेशन ने खेल मंत्री के साथ हुई बैठक में प्रस्ताव रखा कि ओलंपिक में अच्छे प्रदर्शन के लिए लंदन के माहौल में ढलना बेहद जरूरी है। इसके लिए चीफ कोच बहादुर सिंह और दूसरे प्रशिक्षक ओलंपिक से 30 से 35 दिन पहले लंदन पहुंचना जरूरी मान रहे हैं। इस दौरान न सिर्फ वहां की आवो-हवा में ढलने का मौका मिलेगा बल्कि खाने-पीने से भी सामंजस्य बिठाया जा सकेगा। साथ ही कंपटीशन भी मिलेंगे। खेल मंत्री ने न सिर्फ इस पर अपनी मुहर लगा दी बल्कि फेडरेशन से छह फरवरी को विस्तृत प्रस्ताव लाने को कहा है।
एएफआई के डायरेक्टर एमएल डोगरा का कहना है कि प्रशिक्षक मानते हैं कि कैंप के दौरान लंदन में मिलने वाले कंपटीशन तैयारियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे। वहां दूसरे देशों के एथलीटों के साथ मुकाबलों का फायदा मिलेगा। कोशिश यही है कि ओलंपिक पार्क के आसपास ही एथलीटों का कैंप लगाया जाए। दूसरी ओर पीटी ऊषा ने टिंटू लूका को यूरोपीय देशों में ट्रेनिंग कम कंपटीशन दौरे पर भेजने का प्रस्ताव दिया है।
पहले उन्हें ऊटी में तीन से चार सप्ताह हाईआल्टीट्यूड ट्रेनिंग के लिए भेजा जाएगा। इसके बाद उन्हें यूरोपीय दौरे पर भेजने की मांग की गई है। खेल मंत्री ने इस प्रस्ताव को भी मंजूर कर लिया। बीजिंग में 17 एथलीट उतरे थे। इस बार अब तक सात एथलीट ओलंपिक क्वालीफाई कर सके हैं। लेकिन इनकी संख्या बढ़ने की उम्मीद है। इससे पहले कृष्णा पूनिया, ओपी सिंह, प्रीजा श्रीधरन, कविता राउत, सुधा सिंह, ओपी जैसा, मयूखा जॉनी, हरवंत कौर ट्रेनिंग के लिए विदेश जा चुके हैं।
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