लंदन ओलंपिक के लिए टीम के चयन से पहले हो रही नेशनल चैंपियनशिप में डबल ट्रैप इवेंट खास थी। निगाहें ओलंपिक पदक विजेता राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और रोंजन सोढ़ी पर थीं। राठौड़ का यहां किया गया हाई स्कोर उनकी ओलंपिक टिकट की दावेदारी को पुख्ता कर देता। लेकिन कर्णी सिंह शूटिंग रेंज पर बुधवार को न तो राठौड़ कमाल कर सके और न ही रोंजन रंग में दिखे। इन दोनों की मौजूदगी में हरियाणा के अजय मित्तल इस इवेंट के नए नेशनल चैंपियन बन कर उभरे।
अंकुर मित्तल ने जूनियर का गोल्ड जीता
अजय सीनियर में जहां विजेता बने तो उनके छोटे भाई अंकुर मित्तल ने जूनियर का गोल्ड जीता। यहीं नहीं दोनों ने पिता अशोक मित्तल के साथ मिलकर हरियाणा के लिए टीम इवेंट का कांस्य पदक भी जीता। तेज हवाओं के बीच राठौड़ और रोंजन तालमेल नहीं बिठा पाए। अंकुर, अजय और रोंजन 138 के स्कोर के साथ पहले तीन स्थानों पर रहे। राठौड़ और संग्राम दहिया ने 137 का स्कोर किया। जबकि शायान मसूद ने शूटआउट के जरिए फाइनल में जगह बनाई। फाइनल के बीच में राठौड़ और रोंजन दोनों की लय गड़बड़ा गई। वहीं, अजय लगातार अच्छा शूट करते रहे।
पिछला प्रदर्शन इस बात का गवाह
उन्होंने यहां 47 का स्कोर कर आसानी से गोल्ड जीता। संग्राम को 183 अंकों (138+46) के साथ रजत और राठौड़ ने 182 अंकों (137+45) के साथ कांस्य जीता। हालांकि राठौड़ को उम्मीद है कि उन्हें अब भी ओलंपिक टीम का हिस्सा बनाया जा सकता है। उनका कहना है कि उनके पास खोने को कुछ नहीं है। उनका पिछला प्रदर्शन इस बात का गवाह है। अब सब कुछ चयन समिति पर निर्भर करता है।
अब ओलंपिक ट्रायल की तैयारी करेंगे
फिलहाल वह अब ओलंपिक ट्रायल की तैयारी करेंगे। वहीं रोंजन का कहना है कि यह उनकी तैयारियों का दौर है और वह निराश नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कंम्पीटीशन काफी हो चुके हैं और शायद उसी की थकावट है। लेकिन वह फाइनल में की गई अपनी शूटिंग से खुश नहीं हैं। वहीं मित्तल परिवार के लिए यह दिन किसी पर्व से कम नहीं था। पिता और पुत्रों की खुशी देखते ही बनती थी। पिछले कुछ समय से टीम से बाहर चल रहे अजय इस गोल्ड को भारतीय टीम में वापसी का जरिया मान रहे हैं। उनकी कोशिश रेहेगी कि प्रदर्शन को बरकरार रख टीम में खोया हुआ स्थान वापस हासिल कर सकें।
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