बाइचुंग भूटिया ने उनके विदाई मैच में बायर्न म्यूनिख के खिलाफ मिली भारत को मिली 0-4 की हार के बाद कहा कि भारतीय खिलाड़ी बडे नामों की चकाचौंध में खो गए, जिससे उनका खेल प्रभावित हुआ।
भूटिया ने मैच के बाद कहा कि पहले हाफ में हमारे खिलाड़ी जर्मन क्लब के बडे नामों के सामने दबाव में आ गए थे। इससे उनका प्रदर्शन प्रभावित हो गया। लेकिन दूसरे हाफ में हमने अच्छा प्रदर्शन किया और बायर्न म्यूनिख को कोई गोल नहीं करने दिया।
100 से भी अधिक अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले भूटिया का विदाई मैच देखने के लिए जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में लगभग 25,000 दर्शक मौजूद थे। कई दर्शक हाथों में तख्ती लिए मौजूद थे जिन पर लिखा था, 'हू विल रिप्लेस भूटिया' और 'भूटिया वी विल मिस यू भूटिया....'। इस दौरान उनके हर मूव को दर्शकों ने हाथोंहाथ लिया।
इस मैच में अंतिम बार भारतीय टीम की कप्तानी संभालने वाले भूटिया ने कहा कि मैं इतनी देर तक खेलने की उम्मीद नहीं कर रहा था, लेकिन मुझे खुशी है कि मैं अपने विदाई मैच में 86 मिनट तक खेला। मैं शानदार विदाई के लिए भारतीय फुटबाल महासंघ, आडी और बायर्न म्यूनिख को धन्यवाद देता हूं।
साथ ही मैं टीम साथियों और कोच सेवियो मेदिएरा को भी धन्यवाद देता हूं। सेवियो के मार्गदर्शन में टीम ने हाल में सैफ कप जीता था और मुझे उम्मीद है कि उनके कार्यकाल में टीम नई ऊंचाइयां हासिल करेगी।
इस अवसर पर बायर्न के खिलाडी आर्जेन रोबेन ने कहा कि भारतीय टीम शारीरिक तौर पर बेहद मजबूत हैं। मुझे यकीन है कि अगर उसे जरूरी सुविधाएं दी जाएं तो वह तकनीकी रूप और रणनीतिक रूप से ज्यादा निखर पाएगी। हम अपने प्रदर्शन से संतुष्ट हैं और भारत में अपने स्वागत अभिभूत हैं।
भारतीय कोच मेदिएरा ने बाइचुंग के सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि उनकी टीम के खिलाडी पहले हाफ में बायर्न म्यूनिख के बडे़ नामों के दबाव में आ गए थे और वे आपस में संवाद नहीं कर रहे थे। यही कारण है कि टीम ने पहले हाफ में चार गोल खाए।
शुरुआती हाफ में टीम अच्छा नहीं कर पाई लेकिन खिलाडियों ने दूसरे हाफ में अच्छा प्रदर्शन किया। इस मैच से खिलाड़ियों को अच्छा एक्सपोजर मिला है जो एएफसी चैलेंज कप में हमारे काम आएगा। सेवियो ने कहा कि बाइचुंग की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी प्रतिबद्धता का कोई मुकाबला नहीं है।
उन्होंने कहा कि वह हमेशा अपना शत प्रतिशत देते हैं लेकिन आज के खिलाड़ियों में यह बात नहीं हैं। अगर मौजूदा दौर के खिलाड़ी भी ऐसी ही प्रतिबद्धता दिखाएं तो कई बाईचुंग पैदा किए जा सकते हैं।
जर्मन क्लब के कोच युप हेनकेस ने कहा कि भारतीय टीम का स्तर हमारी बराबरी का नहीं था लेकिन भारत में फुटबाल को लेकर जुनून है। मैं अपनी टीम के प्रदर्शन से संतुष्ट हूं। हालांकि हम दूसरे हाफ की शुरुआत में और भी गोल कर सकते थे।
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