पंजाब एनआरआई आयोग ने प्रवासी भारतीय श्रमिकों की शिकायत पर केंद्र सरकार, विदेश मंत्रालय, एनआरआई मामलों के मंत्रालय और पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर 21 मार्च तक हलफिया बयान दाखिल करने को कहा है। इसके साथ विदेश मंत्रालय के जरिए नाइजीरिया की डेल्टा स्टील कंपनी को भी नोटिस भेजा है।
मित्तल के भाई पीके मित्तल की है डेल्टा कंपनी
कंपनी के खिलाफ 117 भारतीय श्रमिकों ने शिकायत दी है कि उन्हें 11 महीनों से वेतन नहीं दिया जा रहा। यह कंपनी स्टील किंग एलएन मित्तल के भाई पीके मित्तल की है। एनआरआई आयोग के अध्यक्ष जस्टिस (सेवानिवृत्त) अरविंद कुमार, सदस्य वीके भावरा और जगतार सिंह की फुल बैंच ने प्रीति राजवंशी की शिकायत पर यह नोटिस जारी किए। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसके पिता नवीन राजवंशी समेत 117 अन्य व्यक्तियों को ग्लोबल स्टील होल्डिंग कंपनी द्वारा भारत में भरती किया गया था।
श्रमिकों को बंधुआ मज़दूरों के तौर पर रखा
2005 में नाइजीरिया के वेरी में डेल्टा स्टील कंपनी के पास भेजा गया। उक्त श्रमिकों को लगभग एक वर्ष से वेतन नहीं दिया जा रहा। वेतन न मिलने के कारण उनके लिए भारत वापस आना भी संभव नहीं है। प्रीति राजवंशी ने आरोप लगाया कि कंपनी ने भारतीय श्रमिकों को बंधुआ मज़दूरों के तौर पर रखा है। कंपनी के चेयरमैन एलएन मित्तल के भाई पीके मित्तल भी भारतीय श्रमिकों की शिकायतों की तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं।
शिकायतकर्ता का कहना है कि इस मामले को लेकर भारत सरकार और प्रवासी भारतीयों संबंधी मंत्रालय को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आयोग ने इस मामले का गंभीर नोटिस लेते हुए विदेश मंत्रालय के जरिए डेल्टा कंपनी, पीएलसी वेरी, नाइजीरिया और भारत में इससे संबंधित कंपनी, उसके चेयरमैन और वाइस प्रेसीडेंट को नोटिस जारी किया है।
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