बांग्लादेश में तख्तापलट की असफल साजिश में शामिल कुछ और अधिकारियों के नामों का खुलासा हो सकता है। मामले की जांच के लिए सेना ने पांच अतिरिक्त जांच अदालतों के गठन का निर्देश दिया है। हालांकि इस बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है। सेना के एक उच्च अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ढाका के बाहर पांच छावनियों में उथल-पुथल का प्रयास करने के मामले की जांच के लिए आर्मी एक्ट के तहत पांच अतिरिक्त जांच अदालतों को गठित करने का निर्णय लिया गया है।
करीब दो दर्जन से भी अधिक अधिकारियों पर संदेह
विस्तारपूर्वक जानकारी देने से मना करते हुए उन्होंने बताया, ‘जांच को आगे बढ़ाने के लिए इन छावनियों के जनरल कमांडिंग अधिकारियों को बैरक के अधिकारियों की भागीदारी का पता लगाने के लिए जांच अदालत बनाने को कहा गया है।’ सैन्य सूत्र के हवाले से आया यह बयान प्रोथम एलो समाचार पत्र में प्रकाशित हुआ है। खबर के मुताबिक तख्तापलट की असफल साजिश रचने में करीब दो दर्जन से भी अधिक अधिकारियों पर संदेह है। जबकि पिछले सप्ताह सेना की ओर से कहा गया था कि यह संख्या अधिकतम 16 तक जा सकती है। सेना ने ढाका में ब्रिगेडियर जनरल की अध्यक्षता में एक जांच अदालत बनाने की घोषणा भी की थी। जबकि एलो की रिपोर्ट के मुताबिक उपनगर सावर, पूर्वी कामिला, घातेल, उत्तरपश्चिमी बोगरा और रंगपुर छावनियों में पांच नई जांच अदालत के गठन की बात कही गई है।
प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की हत्या था मकसद
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है, ‘सेना के भगोड़े मेजर जिआ उल हक के साथ टेलीफोन संपर्क में इन अधिकारियों के बारे में पता चला।’ गौरतलब है कि एक दिन पहले ही राष्ट्रपति निवास पर सेना प्रमुख जनरल मोहम्मद अब्दुल मोबीन ने राष्ट्रपति जिलुर रहमान को चल रही जांच के बारे में जानकारी दी थी। 19 जनवरी को एक असाधारण प्रेसवार्ता में सेना ने तख्तापलट की असफल साजिश का खुलासा किया था। षड्यंत्रकारियों में सेना के पूर्व अधिकारियों पर भी शक जताया गया था, जो सत्तारूढ़ आवामी लीग को हटाना चाहते थे। प्रतिबंधित इसलामिक संगठन हिजबुत तहरीर से संबंध रखने वाले इन लोगों की साजिश में लंदन स्थित एक प्रवासी बांग्लादेशी की अहम भूमिका बताई गई। लेकिन कई समाचारपत्रों ने बाद में सैन्य सूत्रों के हवाले से जानकारी दी कि इस साजिश का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री शेख हसीना, राष्ट्रपति और सेना के कई प्रमुख अधिकारियों की हत्या करना था। मेजर हक की गिरफ्तारी के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया गया तथा पिछले एक सप्ताह में एक डाक्टर समेत कई तहरीर कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया गया है।
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