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सीरियाई सेना के हमले में 217 की मौत

बेरूत/रायटर।
Story Update : Saturday, February 04, 2012    1:50 PM
Clashes in Syria 217 killed

सीरिया के होम्स शहर में शनिवार को सेना की गई भीषण गोलाबारी में करीब 217 लोग मारे गए हैं। ब्रिटिश संगठन ‘सीरियाई आब्जरवेटरी ऑफ ह्यूमन राइट्स’ के प्रमुख रमी अब्दुल रहमान ने बताया कि होम्स में सेना की भारी गोलाबारी में खालीदिया प्रांत के 138 नागरिकों के समेत 217 लोग मारे गए हैं। पिछले 11 महीने के विद्रोह की यह सबसे बड़ी खूनी घटना है। इस बीच सरकार ने हमले से इनकार किया है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सीमावर्ती खालीदिया प्रांत में सेना ने भारतीय समयानुसार शुक्रवार को रात साढे़ बारह बजे गोलाबारी शुरू की। इस भीषण हमले में लगभग 36 मकान जमींदोज हो गए। खालीदिया के एक नागरिक ने बताया, ‘हम अपने घर में बैठे थे कि अचानक गोलाबारी की तेज आवाजें सुनाई देने लगी। ऐसा लगा मानो हमारे ऊपर ही फायर हो रहा है।’ सरकार ने ऐसी कार्रवाई से इनकार करते हुए कहा है कि विद्रोही गुटों का सीरिया के खिलाफ यह उन्मादी अभियान था।

राष्ट्रपति असद को शक्तियां देने के मसले पर बने प्रारूप पर वोटिंग की बात की गई है। सीरिया में हिंसा के बीच राजनैतिक प्रयास जारी हैं लेकिन सीरिया के मित्र राष्ट्र रूस ने शनिवार को संकेत दिया कि वह देश में राजनैतिक बदलाव द्वारा समस्या का समाधान निकालने का कड़ा विरोध करेगा। साथ ही उसने पश्चिमी देशों द्वारा समर्थित प्रारूप को संशोधित करने का भी सुझाव दिया। विदेश मंत्री सर्जे लावरो ने वाशिंगटन को चेताते हुए कहा कि समस्या के समाधान के लिए बिना रूस का विचार जाने वोटिंग कराने पर सुरक्षा परिषद एक अन्य स्कैंडल की ओर बढ़ेगा। रोसिया टीवी चैनल पर शनिवार को प्रसारित साक्षात्कार में उन्होंने यह बात कही।

गौरतलब है कि राष्ट्रपति बशर अल असद के खिलाफ भड़के विद्रोह में होम्स विद्रोही गुटों का गढ़ रहा है। असद को सत्ता से हटाए जाने के मामले पर अरब लीग के मसौदे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में चल रही वार्ता के बीच राष्ट्रपति समर्थक सेना की इस हिंसात्मक कार्रवाई के पीछे छिपे मकसद के बारे में कुछ पता नहीं चल सका है। एक मानवाधिकार कार्यकर्ता ने बताया कि ध्वस्त इमारतों और घरों में दबे लोगों को बाहर निकालने के लिए लोग खुद ही प्रयास कर रहे हैं। एक अन्य ने कहा कि हमें कोई सहायता नहीं मिल रही है। यहां केवल दो अस्पताल ही बचे हैं। कार्यकर्ता ने बताया कि होम्स में सेना के इस भीषण हमले के बाद एकजुटता दिखाते हुए हामा और इदलिब शहर में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए।


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