रूस के यूरोपीय एनक्लेव, कालिनिनग्राद में स्थित यंतार पोत कारखाने में भारतीय नौ सेना के लिए एक मिसाइल युक्त युद्धपोत का अंतिम परीक्षण पूरा कर लिया गया है। यह जानकारी एक अधिकारी ने दी है। रूस और भारत ने 2006 में क्रिवक-3 श्रेणी (तलवार श्रेणी) के तीन संशोधित निर्दिष्ट मिसाइल युक्त युद्धपोतों के निर्माण के लिए 1.6 अरब डॉलर के एक करार पर हस्ताक्षर किए थे।
पहले युद्धपोत, तेग की आपूर्ति अप्रैल 2011 में की जानी थी, लेकिन धनाभाव के कारण इसका काम समय पर पूरा नहीं हो पाया। तलवार श्रेणी के दो अन्य युद्धपोत, तरकश और त्रिकंद, यंतार पोत कारखाने में निर्माण और परीक्षण के विभिन्न चरणों में हैं। उनकी आपूर्ति कब की जाएगी, इस बारे में कोई जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
नए युद्धपोत, आठ-आठ ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों से लैस होंगे। उन पर 100 मिलीमीटर की एक तोप, सतह से हवा में मार करने वाली एक शटिल प्रक्षेपास्त्र प्रणाली, दो काश्तान हवाई रक्षा तोपें/प्रक्षेपास्त्र प्रणालियां, 533 मिलीमीटर के दो जुड़वे टारपीडो लांचर और एक पनडुब्बी रोधी युद्धक हेलीकॉप्टर भी तैनात होंगे। रूस ने इससे पहले भारत के लिए तलवार श्रेणी के तीन युद्धपोतों का निर्माण किया था। इनमें आईएनएस तलवार, आईएनएस त्रिशूल, और आईएनएस ताबार शामिल हैं।
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