मिस्र के पूर्व राष्ट्रपति होस्नी मुबारक की पत्नी ने भ्रष्टाचार के मामले में खुद को गिरफ्तार किए जाने की सूचना के बाद आत्महत्या की कोशिश की थी। मुबारक की पत्नी सुजेन मुबारक ने अपनी जीवनी में कहा ‘13 मई, 2011 का दिन मेरे जीवन का सबसे दुखद दिन था। गलत तरीके से लाभ कमाने के मामले में सहायक न्याय मंत्री मेरी गिरफ्तारी का आदेश लेकर आए थे। मैं जीना नहीं चाहती थी और मैंनें नींद की गोलियां ज्यादा मात्रा में ले लीं, मैं आत्महत्या करना चाहती थी।’
मैं चमत्कारिक ढंग से जीवित बच गईं
सुजेन ने कहा कि मैं चमत्कारिक ढंग से जीवित बच गईं। उन्होंने कहा कि इसके बाद मेरे पति ने किसी ऐसे व्यक्ति से संपर्क किया जो मिस्र में सत्ता में था। मुझे लगता है कि वह विश्व स्तरीय राजनेताओं में से कोई था। मेरे पति ने उसके जरिए मेरी हिरासत के दौरान अस्पताल में मुझे अपने नजदीक रखने का प्रबंध कर लिया।
सुजेन ने कई तथ्यों का खुलासा किया
मुबारक के वकील फरीद अल-दिब ने सुजेन की गिरफ्तारी का मामला सुलझाया। सुजेन ने बताया कि उन्होंने मुझे मिस्र की सरकार को एक पत्र में यह लिखने का सुझाव दिया कि मैंने अपनी पूरी संपत्ति का त्याग कर दिया है। इसके बाद 17 मई को मुझे बिना किसी आरोप के रिहा कर दिया गया। सुजेन ने मुबारक के राष्ट्रपति के रूप में अंतिम दिन से संबद्ध कई आश्चर्यजनक तथ्यों का भी खुलासा किया है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका, सउदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और कुवैत ने फरवरी 2011 की शुरुआत में उनके पति व परिवार के अन्य सदस्यों को राजनीतिक शरण देने का प्रस्ताव दिया था लेकिन जब 11 फरवरी को मुबारक ने त्यागपत्र दे दिया तो ये प्रस्ताव वापस ले लिए गए। मुबारक को देश में 18 दिनों तक हुए सार्वजनिक विरोध-प्रदर्शनों के चलते पद से हटना पड़ा था। इन प्रदर्शनों में 800 से ज्यादा लोग मारे गए और हजारों घायल हुए थे।
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