ब्रिटेन में रहने वाले अनिवासी भारतीयों के लिए सोना रखना जी का जंजाल बनाता जा रहा है। यहां सोने के लिए भारतीय मूल के लोगों के घरों को निशाना बनाया जा रहा है। दरअसल ब्रिटेन में यह प्रचलित धारणा है कि भारतीय उपमहाद्वीप के लोग अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए सोना बचाकर रखते हैं, इसलिए हथियारबंद चोर मैटल डिटेक्टर के साथ इनके घरों को निशाना बना रहे हैं।
जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय
एशियाई मूल के लोगों के घरों में सेंधमारी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए ब्रिटेन की पुलिस ने उन इलाकों में विशेष जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय किया है, जहां भारतीय उपमहाद्वीप के लोग अधिक संख्या में रहते हैं। यह जागरूकता अभियान बर्मिंघम, स्लॉज, आईलैंड, लीस्टर, रीडिंग और बारफोर्ड में विशेष रूप से चलाया जा रहा है।
भारतीय घरों में ज्यादा शुद्ध सोना
दरअसल यूरोप अमेरिका की तुलना में भारतीय घरों में ज्यादा शुद्ध सोना रखने का ज्यादा चलन है। ब्रिटेन में मंदी के बाद भी सोने की कीमतें बढ़ रही हैं यही कारण है कि सेंधमार सोने की चोरी को अंजाम दे रहे हैं। सोने की री सेल वैल्यू का बेहतर होना भी इस अपराध को बढ़ावा दे रहा है। बर्मिंघम, लीस्टर, और मैनचेस्टर में भारतीय घरों के आसपास सोने-चांदी की दुकानों को भी चोरों द्वारा निशाना बनाया जा रहा है। वर्तमान में ब्रिटेन में सोने के दाम 1,100 पाउंड प्रति ऑन्स के आस-पास हैं।
टंडन के घर को निशाना बनाया गया
अगर चोर थोड़ी बहुत सेंधमारी में कामयाब होते हैं तो वे मालामाल हो जाते हैं। लीस्टर की बेलग्रेव रोड, जो ‘लिटिल इंडिया’ और ’गोल्डेन माइल’ के नाम से जानी जाती है यहां पुलिस और व्यवसायियों द्वारा पुख्ता सुरक्षा इंतजाम के बाद भी चोरों ने कई सोने-चांदी की दुकानों को अपना निशाना बनाया। पिछले दिनों एक अनिवासी भारतीय विकास टंडन के घर को निशाना बनाया गया। द गार्जियन अखबार से बातचीत में उन्होंने बताया कि हालांकि चोर कुछ कीमती घड़ियां और ब्लैकबेरी का मोबाइल सेट ही ले गए, लेकिन वे सोना लूटने की ही फिराक में थे। वे मैटल डिटेक्टर से घर की तलाशी ले रहे थे, निश्चित ही वे सोने की तलाश में घर में आए थे।
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