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चार्ली चैप्लिन थे एफबीआई और एमआई-5 के निशाने पर |
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| लंदन/रायटर। |
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| Story Update : Friday, February 17, 2012 10:16 AM |
आधुनिक दौर की कड़वी हकीकतों पर अपने बेबाक किरदार के जरिए कटाक्ष करने वाले अभिनेता चार्ली ताउम्र अमेरिकी और ब्रिटिश खुफिया एजेंसियों के निशाने पर रहे थे जो उनके अतीत को खंगालने की मुहिम में जुटी हुई थीं।
गोपनीय रिपोर्ट से खुलासा ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी 'एमआई-5' की गोपनीय फाइलों के पब्लिक डोमेन में आने के बाद इस बात का खुलासा हुआ है कि अमेरिकी के आंतरिक खुफिया मामलों के लिए जिम्मेदार संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) ने 1952 में उनसे चैप्लिन के अतीत को खंगालने का आग्रह किया था।
...तो क्या चैप्लिन कम्युनिस्ट थे? अमेरिका से साम्यवाद का सफया करने की मुहिम में जुटी एफबीआई को डर सता रहा था कि चैप्लिन कम्युनिस्ट हैं। एफबीआई का यह भी मानना था कि चैप्लिन का असली नाम इजरायल थोर्नस्टेन था। इसके लिए उन्होंने एमआई-5 से सहायता मांगी थी। हालांकि एमआई-5 चैप्लिन के जन्म से संबंधित जानकारियों का पता लगाने में नाकामयाब रही। उसे इस बात का भी कोई सुबूत नहीं मिला कि चैप्लिन अमेरिका के लिए किसी तरह का खतरा बन सकते थे।
चैप्लिन के 'इजरायल' नाम पर भी संशय एमआई-5 ने लंदन सि्स्थत अमेरिकी दूतावास को लिखे अपने पत्र में कहा कि हमें इस बात के कोई सुबूत नहीं मिले कि चैप्लिन का नाम कभी भी इजरायल थोर्नस्टेन नहीं रहा होगा। इस नाम के व्यक्ति के बारे में हमें कोई भी जानकारी नहीं मिली। हमें चैप्लिन के किसी और नाम से जाने जाने बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है।
सायलेंट सिनेमा के सुपरस्टार सायलेंट सिनेमा की कॉमेडी फिल्में के अलावा चैप्लिन ने ग्रेट डिक्टेटर और मार्डन टाईम्स जैसी कई बेहतरीन फिल्मों का भी निर्माण किया था। ग्रेट डिक्टेटर उस दौर में बनाई गई थी जब ब्रिटेन के नाजी जर्मनी के साथ अच्छे संबंध थे। इस फ्ल्मि के अंत में चैप्लिन मानवता के लिए युद्धों से मुक्त एक सुखद भविष्य बनाने की बात करते हैं।
बाद में अमेरिका से निकाल दिए गए थे हालांकि चैप्लिन अपने कैरियर की बुलंदियों पर उस दौर में पहुंचे जब अमेरिका में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सीनेटर जोसेफ मैकार्थी की कम्युनिस्ट विरोधी मुहिम के तहत दम तोड़ रही थी। इस दौर में कई बेहतरीन फिल्म निर्देशकों, कलाकारों, लेखकों आदि को अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताकर देशनिकाला दे दिया गया।
चैप्लिन भी जब थोडे़ समय के लिए 1953 में अमेरिका से बाहर गए तो उन्हें वापस लौटने की अनुमति नहीं दी गई। चैप्लिन को मजबूरन स्विटजरलैंड को अपने नए घर के तौर पर चुनना पड़ा था।
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