ब्रिटेन ने बृहस्पतिवार को अपनी वीजा नीति सख्त करने की घोषणा कर दी। अब भारत और गैर यूरोपीय संघ के वही लोग ब्रिटेन जा सकेंगे जो जीवन की गुणवत्ता में इजाफा करते हों। आव्रजन मंत्री दमीयन ग्रीन ने अपने भाषण में दो प्रस्तावों की घोषणा की है। इन घोषणाओं का प्रभाव भारतीय विशेषज्ञों और प्रवासियों पर पड़ने की संभावना है। ब्रिटिश सरकार पहले ही गैर यूरोपीय संघ के छात्रों का ‘पोस्ट स्टडी वर्क वीजा’ रद्द कर अपने इरादे जाहिर कर चुकी है।
गौरतलब है कि इस वीजा की भारतीय छात्रों की बीच काफी डिमांड थी। गैर यूरोपीय संघ विशेषज्ञ जिनकी सालाना आय अनिवार्य पांच साल के काम और ब्रिटेन में ठहरने के बाद 31,000 पाउंड से कम है उन्हें स्वदेश लौटने की जरूरत है। इससे अधिक आय वाले लोगों को यहां स्थायी तौर पर रहने की इजाजत दी जाएगी। इसके अलावा ब्रिटिश नागरिक और ऐसे लोग जो विदेशियों से शादी करना चाहते हैं, उन्हें अपनी पत्नी या पति के यहां लाने से पहले करीब 25,000 पाउंड की सालाना आय दिखाने की जरूरत है। इसका उद्देश्य सरकार से वित्तीय सहायता मांगने वाले कामगार के इस तरह के विदेशी पति या पत्नी को रोकना है।
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