भारत को यूरेनियम बेचने पर लगे प्रतिबंध को हटाने के सत्तारूढ़ लेबर पार्टी के फैसले को महत्वपूर्ण बताते हुए आस्ट्रेलिया के रक्षा मंत्री स्टीफन स्मिथ ने सोमवार को कहा कि यह केनबरा के हितों को आगे बढ़ाएगा और उभरती सुपर पॉवर के साथ उसके संबंधों के लिए लाभदायक होगा।
स्मिथ ने जोर देकर कहा कि वैश्विक समुदाय यह स्वीकार कर चुका है कि भारत परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) पर हस्ताक्षर नहीं करेगा। स्मिथ ने प्रधानमंत्री जूलिया गिलार्ड के इस मामले में लेबर पार्टी की नीति को बदलने के सख्त कदम का समर्थन किया था। उन्होंने कहा कि उन्हें नई दिल्ली को यूरेनियम बेचने पर कोई संदेह नहीं था। एबीसी टीवी को आस्ट्रेलियाई रक्षामंत्री ने बताया कि मेरा सोचना है कि यह एक बहुत महत्वपूर्ण फैसला है। यह आस्ट्रेलिया के हितों को आगे बढ़ाएगा।
स्मिथ ने कहा कि अमेरिका भारत के बीच हुए असैन्य परमाणु समझौते ने यूरेनियम के निर्यात के बारे में चर्चा की प्रकृति में बदलाव किया। उन्होंने यह कहा कि इस समझौते को अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) और परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) से भी मंजूरी मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि यह भारत को पहली बार अंतरराष्ट्रीय परमाणु नियामकों के तहत लाया है।
भारत को यूरेनियम तो हमें क्यों नहीं
आस्ट्रेलिया में पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल मलिक अब्दुल्ला ने यहां एबीसी रेडियो से सोमवार को कहा कि यदि आस्ट्रेलिया, भारत को यूरेनियम बेचता है तो उसे पाकिस्तान को भी यूरेनियम बेचना चाहिए। उल्लेखनीय है कि कि आस्ट्रेलियन लेबर पार्टी ने रविवार को पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन में भारत को यूरेनियम बेचने पर लगे प्रतिबंध को हटाने के पक्ष में मतदान किया। प्रधानमंत्री जूलिया गिलार्ड ने कहा कि इससे भारत के साथ आस्ट्रेलिया का संबंध मजबूत होगा और व्यापार बढ़ेगा।
खबरों के अनुसार, अब्दुल्ला ने कहा कि आस्ट्रेलिया को चाहिए कि वह पाकिस्तान को भी यूरेनियम बेचे, क्योंकि भारत ने परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। अब्दुल्ला ने कहा, ‘अब यदि आस्ट्रेलियन लेबर पार्टी के निर्णय के बाद आस्ट्रेलिया सरकार नीति में बदलाव करती है, तो हम सभी चाहेंगे कि यह निर्णय सबके लिए समान और भेदभाव रहित हो।’ उन्होंने कहा, ‘यदि आस्ट्रेलिया एक ऐसे देश से प्रतिबंध हटाता है, जिसने एनपीटी पर हस्ताक्षर नहीं किया है, तो पाकिस्तान के साथ भी यही नियम लागू होने की उम्मीद की जाती है।’ अब्दुल्ला ने कहा कि हालांकि पाकिस्तान ने आस्ट्रेलिया से यूरेनियम के लिए अभी कोई अनुरोध नहीं किया है, लेकिन भविष्य में इसके लिए अनुरोध किया जा सकता है।
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