आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

24 घंटे संदेशों का आदान प्रदान करने वाले कहां थे

Hamirpur

Updated Sun, 05 Aug 2012 12:00 PM IST
मुस्करा (हमीरपुर)। थाने में आधी रात के बाद जिस तरीके से यह हत्या की गई, उससे पुलिस की भीषण लापरवाही उजागर होती है। जिस स्थान पर यह हत्या हुई वह कमरा वायरलेस का उपकेंद्र है जिसमें 24 घंटे पुलिस संदेशो का आदान प्रदान करती है लेकिन पूरा का पूरा थाना सो गया और एक पड़ोसी ने मामूली से बच्चों के विवाद में अधेड़ की खराब पड़े मोनोब्लाक पंप से हमलाकर मौत के घाट उतार दिया। लापरवाही के लिए जिम्मेदार थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया गया लेकिन थाने के संतरी से लेकर मुंशी और इस वायरलेस उपकेंद्र पर ड्यूटी देने वाले उस समय क्या कर रहे थे। इसे जांच का विषय बनाकर फिलहाल कार्रवाई से इन्हें बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
थाना हमलावरों से जान बचाने व सुरक्षा का स्थान माना जाता है लेकिन थाने के अंदर ही कत्ल हो जाए और पुलिस सोती रहे। यह शायद अपने आप में एक अनोखी घटना है। जिसमें मुस्करा निवासी बद्दल को उसके पड़ोसी राशिद नेेबच्चों के बीच मामूली विवाद में उसकी हत्या कर दी। इस विवाद के चलते 2 अगस्त को पुलिस ने इनकी शिकायत पर इन्हें थाने बुलवाया था। मामले की गंभीरता को नहीं समझा गया और इसे मामूली विवाद समझकर इनको न तो आपसी समझौता कराया गया और न ही उनका चालान किया गया। 3 अगस्त को भी थाना प्रभारी के बाहर चले जाने पर रमजान के रोजे व जुमा की नमाज को भी दरकिनार कर इन्हें नहीं छोड़ा गया और बीती रात मुस्करा थाने के मुख्य कार्यालय से लगे वायरलेस उपकेंद्र के कक्ष में इन्हें ऐसे साथ में लिटा दिया गया। जैसे कोई मित्र व परिजन अपने घरो में लेटते है और रात 12 बजे के बाद राशिद की आंख खुली। उसने बद्दल को अपने बगल में सोते देख उस पर खून सवार हो गया और पूरे थाने को सोता हुआ देख उसने बेधड़क होकर उसी कमरे में पड़ा हुआ एक खराब मोनो ब्लाक पंप उठाकर उस पर ऐसा वार किया। जिससे बद्दल ने एक ही वार में दम तोड़ दिया। पुलिस अधीक्षक व जिलाधिकारी ने इस घटना को जघन्य अपराध माना और परिजनो ने ग्रामीणों सहित पुलिस पर हमला भी किया लेकिन सिर्फ थानाध्यक्ष जो कल थाने में ही नहीं थे। उन्हें अकेले जिम्मेदार मानते हुए कार्रवाई की गई लेकिन रात में जिस कक्ष में उन्हें लिटाया गया था। वहां वायरलेस पर रात में ड्यूटी करने वाला कौन था और थाने में इसी कमरे से लगा हुआ मुख्य कक्ष पर किसकी ड्यूटी पर कौन था। यह जांच का विषय नहीं बल्कि तुरंत कार्रवाई का विषय है। जिस पर कोई कार्रवाई नही की गई। यहीं वजह थी कि पुलिस की इस भीषण लापरवाही पर शीघ्र कठोर कार्रवाई न होने से परिजनो सहित लोगों का आक्रोश बढ़ गया। जनता को सड़कों पर उतरकर पुलिस से मोर्चा लेने के लिए मजबूर होना पड़ा।


  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

24 hours

स्पॉटलाइट

रोजाना लस्सी का एक गिलास कर देगा सभी बीमारियों को छूमंतर

  • सोमवार, 21 अगस्त 2017
  • +

LFW 2017: शो के आखिरी दिन लाइमलाइट पर छा गए जैकलीन और आदित्य

  • सोमवार, 21 अगस्त 2017
  • +

फैशन नहीं लड़कों की दाढ़ी के पीछे छिपा है ये राज, क्या आपको पता है?

  • सोमवार, 21 अगस्त 2017
  • +

एक असली शापित गुड़िया जिस पर बनी है फिल्म, जानें इसकी पूरी कहानी...

  • सोमवार, 21 अगस्त 2017
  • +

चंद फिल्मों के जरिए ही सुपरस्टार बन गया था ये हीरो, लकवे की वजह से चला गया था कोमा में

  • सोमवार, 21 अगस्त 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!