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पर्यटन स्थल बनेगा खंडेह के प्राचीन मंदिर

Hamirpur

Updated Wed, 25 Jul 2012 12:00 PM IST
हमीरपुर। खंडेह के ऐतिहासिक प्राचीन मंदिरों की धरोहरों का अस्तित्व बचाने के लिए जिला प्रशासन ने पर्यटन विभाग को संबंधित फोटोग्राफ और अभिलेख भेजे है। खंडेह में स्थापित प्राचीन मंदिरों के तालाबों का रकबा 11.384 हेक्टेयर में फैला है। फिलहाल इन धरोहरों को संरक्षित करने में मदद मिलने की संभावना है।
जिले के मौदहा तहसील क्षेत्र खंडेह गांव की आबादी करीब 10 हजार है। गजिटियर्स में इस गांव का सरकारी नाम दुबे का खंडेह है। गांव में स्थित ऐतिहासिक मंदिरों और तालाबों की स्थित लगातार खराब हो रही है। इन स्थलों के वैभव को कायम रखने के लिए पर्यटन के मानचित्र पर लाए जाने के प्रयास तेज हो गए है। खंडेह निवासी प्रद्युम कुमार लालू दुबे ने इस मामले में संसद सदस्य डा.विनय कुमार पांडेय को एक पत्र दिया। इस पर सांसद ने पर्यटन मंत्री सुबोधकांत सहाय को पत्र लिखकर खंडेह की अद्भुत कला से युक्त नक्काशीदार मंदिरों को मानचित्र में उचित स्थान दिलाने की मांग क ी। उन्होंने सैकड़ों बरस इस पुरानी संपदा का दोबारा संरक्षण मंदिरों के पर्यटन विकास, अपूर्ण कार्यों को पूर्ण कराने एवं रैन बसेरा आदि कार्यों के लिए धनराशि जारी कराने की मांग की। इस मामले में पर्यटन विभाग के सहायक डीजी ने विभागीय सचिव व प्रदेश के निदेशालय को पत्र लिखा। फिलहाल सीनियर रिसर्च अधिकारी पर्यटन आरएस यादव ने क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी इलाहाबाद के जरिए डीएम को जून में पत्र भेजा। इस पत्र के बाद उम्मीद जगी है। उप जिलाधिकारी जेबी सिंह ने राजस्व विभाग के जरिए इन प्राचीन मंदिरों व तालाबों के फोटोग्राफ सहित अन्य जानकारियां एकत्र कर डीएम को सौंपी है। लालू दुबे ने बताया कि उनके पूर्वज चंदीदीन दुबे ने मंदिरों का निर्माण कराया था। चार सौ साल पुराने रामदरबार व शिव दरबार मंदिर एक एकड़ क्षेत्रफल में फैले है। मंदिर में ग्रेनाइट पत्थर पर संपूर्ण रामकथा, महाभारत व श्रीकृष्ण लीला के प्रसंग का चित्रण है। इन मंदिरों में संगमरमर व ग्रेनाइट पत्थरों पर की गई शिल्पकला की दृष्टि से बारीकी नक्काशी व भव्यता भी बेजोड़ है। गांव में स्टेशन रोड पर उत्तर पश्चिम दिशा में 1.872 हेक्टेयर में सिरसो तालाब है। इसी से जुड़ा अद्वितीय सादे पत्थर में गढ़ा हुआ शिवाला बना है। जिसका प्रवेश द्वार लगभग पांच फिट ऊंचा, दोनों ओर नगाड़ खाने, मंदिर के अंदर तहखाना, हमामखाना दर्शनीय है। जबकि रामजानकी मंदिर से लगा हुआ कलार तालाब का रकबा 11.384 हेक्टयर में फैला है। खंडेह ग्राम के वास्तुकला के अनमोल मंदिर तथा हमीरपुर में कब्रिस्तान सहित अन्य धरोहरों को संरक्षित कर देखरेख करने की जरूरत पर क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी झांसी ने कुछ वर्ष पहले जोर दिया था। मगर संसाधन के अभाव में विभाग भी मजबूर रहा। इस मामले की सूचना डीएम बी चंद्रकला ने मय फोटोग्राफ समेत संबंधित सूचना क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी इलाहाबाद व महानिदेशक पर्यटन को भेजी है।
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