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पीसीएफ के दस गेहूं केंद्रों में खरीद बंद

Hamirpur

Updated Thu, 24 May 2012 12:00 PM IST
हमीरपुर। पीसीएफ ने गेहूं खरीद से हाथ खींच लिया है। इस संस्था के 15 केंद्रों में से 10 पर खरीद का काम बंद है। पांच केंद्रों पर मात्र 135 मीट्रिक टन की गेहूं खरीदा हो सकी है। पीसीएफ ने लक्ष्य के मुकाबले गेहूं खरीद लिया है। इस संस्था के प्रबंधक ने आगे खरीद नहीं करने की पीछे तमाम तर्क देते हुए कहा कि भंडारण की समस्या गंभीर है। साथ ही एफसीआई नमी बताकर खरीदे गए गेहूं को लेने में प्रति कुंतल एक किलो गेहूं काटती है जिससे संस्था को घाटा हो रहा है।
जिले में गेहूं खरीद के लिए 26 केंद्र है, इनमें सर्वाधिक 15 केंद्र पीसीएफ के हैं। प्रशासन ने सभी केंद्रों पर अलग अलग गांव आवंटित किए हैं। इसमें जो गांव पीसीएफ केंद्र से जुड़े हैं वहां के किसान दुखी है। इसके पीछे उनके गेहूं की तुलाई नहीं हो रही है जबकि इन केंद्रों के बगल में संचालित हाटशाखा के केंद्रों पर किसान गेहूं बेचने में सफ ल हो रहे है। मौजूदा समय में पीसीएफ के राठ, मुस्करा, छानी, सुमेरपुर, गोहांड में खरीद का काम ठप है। पीसीएफ से संचालित क्रय विक्रय मौदहा, इंगोहटा, साधन सहकारी समिति सरीला व जलालपुर, क्रय विक्रय राठ तथा एफएसएस गोहांड के केंद्रों पर तुलाई नहीं हो रही है। 22 मई को क्षेत्रीय सहकारी समिति राठ में 23 एमटी, पीसीएफ मौदहा में 30 एमटी, क्रय विक्रय सुमेरपुर में 15 एमटी, पीसीएफ कुरारा में 22.450 एमटी, पीसीएफ गोहांड में 9.850 एमटी, पीसीएफ मिश्रीपुर में 35 एमटी कुंतल गेहूं खरीदा गया है। कुल मिलाकर दैनिक खरीद में 135.300 मीट्रिक टन गेहूं ही खरीदा गया है। इस कार्यदाई संस्था को गेहूं खरीदने का लक्ष्य 11 हजार मीट्रिक टन है। इसमें 22 मई तक 11354 एमटी गेहूं की खरीद की जा चुकी है। फिलहाल पीसीएफ कुल 1891 किसानों को लाभांवित करने में सफल रहा है। पीसीएफ प्रबंधक एके पाठक ने विभागीय प्रबंध निदेशक को पत्र लिखा है कि संसोधित लक्ष्य पूरा कर लिया गया है। जिले में भंडारण की समस्या बताई है। प्रबंधक ने कहा कि डिलेवरी की गंभीर समस्या है। ट्रांसपोटेशन के लिए कोई ठेकेदार नहीं है। उन्होंने कहा है कि बीते वर्ष अक्तूबर में डिलेवरी हो पाई थी। जून के बाद डिलेवरी होने के बाद भी एफसीआई गेहूं में नमी बताकर एक किलो प्रति कुं तल की कटौती करता है जिससे संस्था को क्षति होती है। इसके चलते धीमी गति से खरीद का कार्य कराने को कहा है।
बारदाना खत्म, चार केंद्रों में गेहूं तुलाई बंद
राठ(हमीरपुर)। कृषि उत्पादन मंडी समिति के चार गेहूं खरीद केंद्रों में बारदाने का स्टाक खत्म हो गया है। तपती गर्मी में किसान गेहूं बेचने के लिए इंतजार कर रहे हैं। एक पखवारे से किसानों के गेहूं की तुलाई न होने से रोष है। वहीं पीसीएफ के आरएम ने कहा कि एक हफ्ते में केंद्रों में बारदाना पहुंच जाएगा।
पीसीएफ, सहकारी क्रय विक्रय, एलएसएस, एग्रो में पिछले दो दिन से बारदाना खत्म होने से गेहूं खरीद बंद हो गई। बारदाना न होने से केंद्रों पर खडे़ किसान गेहूं बेचने के लिए दर-दर भटक रहा है। पीसीएफ केंद्र प्रभारी दिलशाद ने बताया कि बारदाना न होने से गेहूं की खरीद नहीं हो रही है। वहीं पीसीएफ के आरएम बीके सिंह से कुछ किसानों ने बारदाना न होने की शिकायत दर्ज कराई। आरएम ने बताया कि कोलकाता से बारदाना न आने से यह दिक्कत आ रही है। बारदाना के लिए कानपुर से व्यवस्था की जा रही है। बारदाना आने में अभी एक सप्ताह लग सकता है। बारदाना के आते ही केंद्र प्रभारियों को बारदाना मिल जाएगा।
किसान यूनियन ने सौंपा ज्ञापन
राठ(हमीरपुर)। गेहूं खरीद केंद्रों पर धांधली को लेकर किसान यूनियन ने बुधवार को राज्यपाल के नाम संबोधित एक ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। यूनियन के निरंजन ने ज्ञापन में कहा कि बुधवार की शाम तक गेहूं तुलवाने की सही व्यवस्था नहीं हुई तो गुरुवार को मंडी गेट के सामने किसान अपना गेहूं उडे़ल प्रदर्शन करेंगे।
चार दिन से कृषि उत्पादन मंडी में अंधेरा
फुंके ट्रांसफार्मर को न बदलने से पेयजल संकट
मुस्करा (हमीरपुर)। नवीन मंडी स्थल का ट्रांसफारमर फुंकने से पांच दिन से अंधेरा है। नलकूप न चलने से पानी की टंकी की आपूर्ति भी बंद हो गई है। जिससे किसानों और व्यापारियों के सामने पेयजल का संकट हो गया है। वहीं पशुओं को भी पानी नहीं मिल रहा है।
कसबे की मंडी समिति दो वर्ष पूर्व बनकर तैयार हुई थी। इस मंडी समिति में पेयजल आपूर्ति के लिए दो हैंडपंप व एक ओवर हेड टैंक बना है। साथ बिजली सप्लाई के लिए 100 केवीए का ट्रांसफारमर रखा है लेकिन पांच दिन पूर्व मंडी में रखा ट्रांसफारमर फुंक गया। जिसके चलते पूरी मंडी अंधेरे में डूब गई है। व्यापारी रामकुमार गुप्ता, सुशील कुमार गुप्ता, अन्ना सेठ, अशोक कुमार गुप्ता, गयाप्रसाद गुप्ता, मोनू अग्रवाल, मुन्ना गुप्ता का कहना है कि ट्रंासफारमर फुंकने से मंडी में अंधेरा है और रात में काम नहीं हो रहा है। साथ ही अंधेरे के चलते अराजक तत्व मंडराने लगे हैं। बिजली न मिलने से नलकूप नही चल पा रहा है। जिससे ओवर हेड टैंक को लोड नही किया जा रहा है। ओवर हेड टैंक में पानी न होने से किसानों व व्यापारियों को बूूंद बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। मंडी में लगे दो हैंडपंपों में दिन भर लाइन लगी रहती है।
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