आभूषण निर्माताओं ने सरकार से बहुमूल्य धातुओं की देश भर में निर्बाध आवाजाही के लिए स्मार्ट कार्ड व्यवस्था लागू करने की मांग की है। ऑल इंडिया जेम्स एंड ज्वेलरी ट्रेडस फेडरेशन (जीजेएफ) ने सरकार को दिए बजट पूर्व ज्ञापन में चिप आधारित स्मार्ट कार्ड कारोबारियों को जारी करने की अनुमति मांगी है। फेडरेशन का कहना है कि इससे कारोबार में आने वाली परेशानियां कम होंगी। साथ ही जगह-जगह होने वाली जांच में भी अधिकारियों को तत्काल वास्तविक स्थिति की जानकारी हो सकेगी।
कार्ड में एक मोबाइल नंबर भी फीड किया
जीजेएफ के चेयरमैन बच्छराज बामालवा ने बताया कि चिप आधारित स्मार्ट कार्ड में माल ले जाने वाले के साथ ही दुकानदार का पूरा प्रोफाइल होगा। इसमें सभी तरह के करों का भुगतान हुआ है कि नहीं इसकी भी जानकारी जांच के दौरान प्राप्त हो सकेगी। कार्ड में एक मोबाइल नंबर भी फीड किया जाएगा। इससे, जहां कार्ड रीडर नहीं होगा वहां अधिकारी मोबाइल के जरिये बात कर या एसएमएस के जरिये पुष्टि कर सकेंगे।
चिप स्मार्ट कार्ड फेडरेशन जारी करेगा
उन्होंने बताया कि इसके पूर्व फेडरेशन अपने इस प्रस्ताव से गृह मंत्रालय को पहले ही अवगत करा चुका है। गृह मंत्रालय ने इस प्रस्ताव को पसंद किया है। लिहाजा फेडरेशन सरकार से आगामी बजट में इस प्रस्ताव को हरी देने की मांग कर रही है। चिप आधारित स्मार्ट कार्ड फेडरेशन जारी करेगा। पहले चरण में फेडरेशन अपने 10000 सदस्यों को यह कार्ड जारी करेगा, जबकि अगले चरण में कारीगरों, दुकानदारों के अलावा इस व्यवसाय से जुड़े अन्य वर्गों को कार्ड जारी करने की योजना है।
कारीगर भी डिप्लोमा धारक हो सकेंगे
जीजेएफ ने कारीगरों के प्रशिक्षण एवं डिप्लोमा प्रदान करने के लिए भी सरकार से 350 करोड़ रुपये का अलग से बजट बनाने की मांग की है। फेडरेशन का कहना है कि अभी देश भर में ज्वेलरी डिजाइन से संबंधित पाठ्यक्रम नहीं है। इसके चलते अच्छे से अच्छे कारीगर के पास कोई डिग्री नहीं होती। इसकी शुरुआत होने पर न सिर्फ दुकानदारों को बेहतर कारीगर मिल सकेंगे, बल्कि कारीगर भी डिप्लोमा धारक हो सकेंगे।
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