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बजट अनुमान से कम रहेगा प्रत्यक्ष कर संग्रह

नई दिल्ली/एजेंसी।
Story Update : Wednesday, February 08, 2012    10:11 PM
Direct tax collections will be lower than budgeted

प्रत्यक्ष कर संग्रह की सुस्त रफ्तार के चलते सरकार वित्त वर्ष 2011-12 के लिए तय अपने राजस्व संग्रह के लक्ष्य से चूक सकती है। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से जनवरी की अवधि के दौरान शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 9.28 फीसदी बढ़कर 3.46 लाख करोड़ रुपये रहा है।

वित्त साल के मुकाबले 19 फीसदी अधिक
इसमें व्यक्तिगत आयकर और कॉरपोरेट टैक्स की प्रमुख हिस्सेदारी है। हालांकि कर संग्रह की धीमी रफ्तार के चलते सरकार वित्त वर्ष के दौरान 5.32 लाख करोड़ रुपये के शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह के अपने लक्ष्य से चूक सकती है। यह पिछले वित्त साल के मुकाबले 19 फीसदी अधिक है। वित्त वर्ष 2010-11 में अप्रैल-जनवरी के दौरान शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 3.17 लाख करोड़ रुपये रहा था।

प्रत्यक्ष कर संग्रह की वृद्धि धीमी
हालांकि चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-जनवरी के दौरान सकल प्रत्यक्ष कर उगाही 14.57 फीसदी बढ़कर 4.25 लाख करोड़ रही। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 3.71 लाख करोड़ रुपये रही थी। जीडीपी की वृद्धि दर के अनुमान में गिरावट के चलते प्रत्यक्ष कर संग्रह की वृद्धि धीमी बनी हुई है। चालू वित्त वर्ष में जीडीपी की विकास दर के 6.9 फीसदी रहने का अनुमान है। पिछले साल यह 8.4 फीसदी रही थी।


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