ग्लोबल स्तर पर मांग में तेजी आने की संभावना से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल छह माह के उच्चतम स्तर 116 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। यूरोपीय देशों को तेल आपूर्ति रोकने की ताजा धमकी, नाइजीरिया में आंतरिक संघर्ष से आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका और यूरोप में पड़ रही कड़ाके की सर्दी से मांग बढ़ने की उम्मीद है। इससे कच्चे तेल में तेजी का रुझान बना हुआ है।
कड़ाके की सर्दी ब्रेंट क्रूड को तेजी
लंदन ब्रेंट क्रूड का वायदा मंगलवार को लगातार छठे कारोबारी दिवस तेजी के साथ 116.18 डॉलर प्रति बैरल बोला गया। गत अगस्त के बाद ब्रेंट क्रूड का यह शीर्ष स्तर रहा। अमेरिकी स्वीट क्रूड ने भी 97.18 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार किया। तेल कारोबारियों के मुताबिक ईरान और पश्चिम एशिया से जुडे़ राजनीतिक घटनाक्रम तथा यूरोप में पड़ रही कड़ाके की सर्दी ब्रेंट क्रूड को तेजी दे रही है।
यूरोप में इस बार कड़ाके की ठंड पड़ रही
ईरान की संसद ने कहा है कि वह यूरोप के कुछ देशों को तत्काल प्रभाव से तेल आपूर्ति रोकने की तैयारी कर रही है। यदि ईरान की संसद में यह प्रस्ताव पारित हो जाता है तो यूरोपीय देशों को बडे़ पैमाने पर तेल किल्लत से जूझना पड़ सकता है। इस बीच, समूचे यूरोप में इस बार कड़ाके की ठंड पड़ रही है। जिससे तेल मांग बढ़ने के आसार है। उधर, अफ्रीका के सबसे बडे़ तेल उत्पादक देश नाइजीरिया में भड़के संघर्ष के बीच वहां एक तेल लाइन में विस्फोट से तेल आपूर्ति बाधित होने का खतरा पैदा हो गया है। यह सभी हालात अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल को मजबूती दे रहे हैं। हालांकि यूरोप में कर्ज संकट के समाधान को लेकर जारी अनिश्चितता तेल पर थोड़ा दबाव बनाए हुए है।
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