अपने लोन कारोबार में तेजी लाने के लिए भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) जल्द ही लोन की ब्याज दरें घटा सकता है। बैंक के मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) दिवाकर गुप्ता ने इसके स्पष्ट संकेत देते हुए कहा कि बैंक ब्याज दरों में कटौती को इच्छुक है।
500 करोड़ रुपये की कमाई होने की उम्मीद
ब्याज दरों में कमी की कोई तय समय सीमा बताए बिना गुप्ता ने कहा कि हम दरें घटाने के इच्छुक हैं। इसके लिए माहौल भी बनता दिख रहा है, पर कोई भी फैसला मुनाफे पर पड़ने वाले असर और अन्य चीजों पर विचार करने के बाद ही लिया जाएगा। गुप्ता के मुताबिक ब्याज में कमी पर फैसला रिजर्व बैंक द्वारा रेपो दर (अल्पकालिक उधारी दर) में कटौती से पहले किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सीआरआर में कटौती से एसबीआई को सालाना 500 करोड़ रुपये की कमाई होने की उम्मीद है।
बैंकों द्वारा लोन की ब्याज दरों में कटौती
गौरतलब है कि रिजर्व बैंक ने पिछले महीने नगद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) आधा फीसदी घटाकर 5.5 प्रतिशत कर दिया है, जिससे कर्ज देने के लिए बैंकों को करीब 32,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी उपलब्ध हुई है। एसबीआई के पास इससे करीब 5,000 करोड़ रुपये की उपलब्धता बढ़ी है। ऐसे में सीआरआर कटौती के बाद बैंकों द्वारा लोन की ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद की जा रही है।
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