देश के सबसे बड़े कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स के पहले आईपीओ का प्राइस बैंड तय हो चुका है और इसकी घोषणा से तकरीबन आधा दर्जन कंपनी के फाइनेंशियल निवेशकों को सवा सौ फीसदी का फायदा हो रहा है। वीसी सर्कल एनालिसिस के अनुसार यह इंवेस्टर एमसीएक्स के मौजूदा आईपीओ के मार्फत अपने शेयर ऑफलोड कर रहे हैं। एमसीएक्स का यह आईपीओ नए साल का पहला पब्लिक इश्यू है और सूचीबद्ध होने वाला पहला एक्सचेंज बनने जा रहा है।
आईपीओ के जरिये फाइनेंशियल टेक्नोलॉजीज, भारतीय स्टेट बैंक (इक्विटी), जीएलजी फाइनेंशियल फंड, एलेक्जेंड्रा मारिशस लिमिटेड, कॉरपोरेशन बैंक, आईसीआईसीआई लोंबार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी और बैंक ऑफ बड़ौदा एमसीएक्स के अपने शेयर बेच रहे हैं। इन सबकी कंपनी में कुल 44.11 फीसदी हिस्सेदारी है और फाइनेंशियल टेक्नोलॉजीज अपनी हिस्सेदारी घटाकर 26 फीसदी करने जा रही है, जिससे कि कमोडिटी एक्सचेंजों में शेयरधारिता के नियमों का पालन हो सके। दूसरे शेयरधारक भी अपनी हिस्सेदारी का कुछ भाग को बेच रहे हैं।
आईपीओ के मार्फत फाइनेंशियल टेक्नोलॉजीज 26 लाख शेयर, भारतीय स्टेट बैंक 21 लाख शेयर, जीएलजी 7.8 लाख शेयर, एलेक्जेंड्रा 3.9 लाख शेयर, कॉरपोरेशन बैंक 2.4 लाख शेयर, आईसीआईसीआई लोंबार्ड 1.4 लाख शेयर और बैंक ऑफ बड़ौदा के एक लाख शेयरों की बिक्री की जाएगी। इस आईपीओ में तीन बैंकों भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और कॉरपोरेशन बैंक को सबसे अधिक लाभ होगा। एमसीएक्स में इन्होंने दस रुपये अंकित मूल्य से निवेश किया था, जिसमें यदि बोनस जोड़ दिया जाए, तो उनकी लागत 8 रुपये प्रति शेयर हो जाती है, जबकि मौजूदा इश्यू में इनके उन शेयरों को 129 गुना अधिक लाभ मिल रहा है और वह भी सिर्फ आठ साल में।
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