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चीनी उत्पादन में गोल्ड मेडलिस्ट मिल उपेक्षित

Bhadohi

Updated Tue, 04 Sep 2012 12:00 PM IST
औराई। चीनी उत्पादन में कभी गोल्ड मेडल हासिल कर प्रदेश में परचम लहराने वाली औराई स्थित दी काशी सहकारी चीनी मिल अपने हाल पर आंसू बहा रही है। इससे जिले के ही नहीं पड़ोसी जिलों के गन्ना किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। मिल ठप होने से गन्ने की खेती के प्रति किसानों का मोह कम हो गया। लिहाजा गन्ना उत्पादन पर असर पड़ गया है। जिले के जन प्रतिनिधियों ने प्रदेश सरकार में भी प्रतिनिधित्व किया और वर्तमान में सभी विधायक सत्ता पक्ष के हैं। इसके बाद भी चीनी मिल की बदहाली दूर करने का प्रयास नहीं किया जा रहा है। कभी पूर्वांचल की शान कही जाने वाली चीनी मिल अब अपमान झेल रही है।
1250 कुंतल प्रतिदिन गन्ना पेराई की क्षमता वाली चीनी मिल 2006 में बंद हो गई। छह वर्ष से मिल के बंद होने से बेकार पड़ीं मशीनों के कल-पुर्जें जंक खाने लगे हैं। इसके अलावा चीनी मिल के अधिसंख्य कर्मचारी वीआरएस लेकर बाहर में नौकरी करने लगे हैं। छह वर्ष से बंद पड़ी चीनी मिल को चलाने में अब लंबी प्रक्रिया से गुजरना होगा, लेकिन जिस तरह से उदासीनता है, इससे चालू होने के आसार नहीं दिख रहा है। चार दशक पूर्व जिस तरह की चीनी मिल की स्थापना पूर्व केंद्रीय और विकास पुरुष पं. श्यामधर के अथक प्रयास से हो गया था। इस तरह की चीनी मिल बनवाने में वर्तमान में अरबों रुपये की लागत आएगी। इसके बाद भी इस तरह के कल पुर्जे मशीन मिलने की संभावना कम ही है। बताया जाता है कि स्थापना के बाद चालू होने पर चीनी मील ने गन्ने की पेराई और चीनी उत्पादन में रिकार्ड बनाया था। चीनी मिल होने से जिले में भी गन्ने की अच्छी खेती होती थी। इससे किसान गन्ने की खेती कर अच्छा मुनाफा कमाते थे, मिल में गन्ना जमा करने पर उन्हें भुगतान भी तत्काल किया जाता था।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश के अन्य चीनी मिलों में अक्तूबर 2012 से पेराई का कार्य प्रारंभ हो जाएगा। चीनी मिलों में गन्ना पेराई प्रारंभ होने का यही सत्र होता है, लेकिन औराई दी काशी सहकारी चीनी मिल को चलाने के लिए अब तक कोई पहल नहीं की गई है। यहां तक कि बीते विधानसभा चुनाव में औराई से चुनाव लड़ने वाले सभी दलों के अलावा निर्दल प्रत्याशियों ने चीनी मिल के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। यहां तक कि सपा प्रत्याशी मधुबाला पासी ने भी चीनी मिल को चुनाव में प्रमुखता दी थी लेकिन, सकारात्मक ढंग से पहल न होने की वजह से चीनी मिल की हालत में सुधार होने की संभावना नहीं दिख रही है।

पहल की गई है: मधुबाला
औराई। सपा विधायक श्रीमती मधुबाला पासी का कहना है कि शासन स्तर से चीनी मिल चालू कराने की पहल शुरू कर दी गई है। अगर प्रक्रिया समय पर पूरी हो गई तो मिल शीघ्र ही चालू हो जाएगी क्योंकि छह वर्षों से बंद पड़ी मिल को अधिकारिक स्तर से चालू कराने का प्रयास जारी है।
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