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डीए पर आंशिक प्रतिबंध की समीक्षा की उठी मांग

Bhadohi

Updated Wed, 29 Aug 2012 12:00 PM IST
भदोही। उधारी कालीन निर्यात में आंशिक प्रतिबंध से नई समस्या खड़ी हो गई है। केंद्र सरकार द्वारा डीए पर बैन लगाए मुश्किल से कुछ माह ही बीते हैं कि अब यह निर्यातकों को रास नहीं आ रहा है। अखिल भारतीय कालीन निर्माता संघ (एकमा) के भूतपूर्व अध्यक्ष, हाजी शौकत अली अंसारी ने कहा कि या तो सीधे प्रतिबंध लगना चाहिए और किसी को भी निर्यात करने की छूट ना हो अथवा इसकी तत्काल समीक्षा होनी चाहिए।
जानकारी हो कि एकमा सहित विभिन्न संगठनों ने पिछले तीन साल क्लीन डीए पर प्रतिबंध लगाने के लिए संघर्ष किया। बार बार वस्त्र मंत्रालय से इसकी न केवल गुहार लगाई गई बल्कि कई बार प्रतिनिधिमंडल जाकर वस्त्र और वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों से मिला। बड़ी मुश्किल से वर्षों बाद सरकार ने डीए पर आंशिक प्रतिबंध लगाते हुए ईसीजीसी कवर के साथ तथा विदेशों में शोरूम रखने वाले निर्यातकों को डीए पर निर्यात करने की छूट दे दी। इस कानून के लागू होने के माह के भीतर ही इसके दुष्प्रभाव सामने आने लगे।
हाजी शौकत अली अंसारी ने कहा कि नई व्यवस्था में धनाढ्य निर्यातक अपना शोरूम खोलने लगे हैं ताकि उन पर प्रतिबंध लागू न हो। इसके अलावा बड़े निर्यातक काफी हद तक ईसीजीसी कवर लेकर अपना काम तो धड़ल्ले से कर रहे हैं लेकिन मझोले निर्यातकों की समस्या बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि पिछले दो महीनों में मझोले निर्यातक खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं जबकि देखा जा रहा है कि बड़े निर्यातकों को काम पहले की तरह ही चल रहा है। उन्होंने डीए पर प्रतिबंध की समीक्षा करने की सीईपीसी और केंद्र सरकार से मांग की है।

इंटस्ट्री जैसा कहेगी वैसा होगा
फोटो-53 (सिद्धनाथ सिंह)
भदोही। डीए पर प्रतिबंध लगवाने में कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) की खास भूमिका रही थी। वह भी जब सीईपीसी चेयरमैन पद पर मिर्जापुर के कालीन निर्यातक, सिद्धनाथ सिंह बने तब। पूर्व एकमाध्यक्ष द्वारा प्रतिबंध की पुन: समीक्षा करने और इससे लघु निर्यातकों को होने वाले नुकसान की बात बताने पर सिद्धनाथ सिंह ने कहा कि मैंने वही किया जो इंडस्ट्री की मांग थी। यदि इंडस्ट्री संतुष्ट नहीं हो वह दोबारा प्रतिनिधित्व करे।
श्री सिंह ने कहा कि इंडस्ट्री की ओर से डीए पर प्रतिबंध की मांग वर्षों से लंबित थी। मैंने चेयरमैन पद संभालते ही इसे प्राथमिकता के साथ हल कराया। उन्होंने कहा कि अब यदि इंडस्ट्री इसकी पुन: समीक्षा चाहती है तो मैं तैयार हूं।
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