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जायरीनों से भरी रही गाजी मियां की दरगाह

Bhadohi

Updated Tue, 15 May 2012 12:00 PM IST
भदोही। गाजी मियां के चार दिवसीय मेले के दूसरे दिन भी रौजे पर जायरीनों का तांता लगा रहा। कड़ी धूप और उमस भरी गर्मी का जायरीनों पर कोई असर नहीं पड़ा तथा दरगाह जायरीनों से ठसाठस भरी रही। अकीदतमंदों ने जहां बाबा की मजार पर फातेहा पढ़ा वहीं मन्नतें उतारने वालों ने भी दरगाह में अपनी आमद दर्ज कराई। हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल इस मेले में हर वर्ग के लोग श्रद्धालुओं की सेवा में लगे रहे।
मजार पर पहुंचने का सिलसिला सोमवार को भी देर रात तक चला। दूर दूर से आए लोगों ने मजार पर मुर्गा, मलीदा चढ़ाया। भारी संख्या में अकीदतमंदों ने मजार पर चादरपोशी की। मेले में बड़ों के आगे बच्चों की खूब चली और भारी संख्या में अभिभावक बच्चों को मेला दिखाने पहुंचे। सर्कस, मौत का कुआं, जानवरों की प्रदर्शनी के साथ साथ गुब्बारों पर निशाना लगाने वाली दुकानों पर हरदम भीड़ लगी रही। ऊंचे-ऊंचे झूलों की तो बात ही कुछ और थी जिसका किशोरों और बालकों ने जमकर आनंद उठाया।
मेले के दूसरे दिन शाम को हर साल गाजी मियां के मजार को गुस्ल कराने की परंपरा रही है। जायरीनों को पानी पिलाने वाले भिश्ती दूसरे दिन शाम को अखाड़ा निकाल कर मजार को गुस्ल कराते हैं। सोमवार की शाम लगभग 3 बजे भिश्तियों का अखाड़ा मेला क्षेत्र के कुएं से पानी लेकर निकला। इस दौरान बाबा की शान में कसीदे पढ़े गए। सबके हाथ में पानी से भरा घड़ा या चमड़े के मसक में पानी था। लगभग एक घंटे तक मेला क्षेत्र में घूमने के बाद लोग रौज़े पर पहुंचे और मजार को गुस्ल कराया।
मेला क्षेत्र में आए श्रद्धालुओं की सुरक्षा में पुलिस के होने के बाद भी मेला कमेटी के लोगों को काफी भागदौड़ करनी पड़ी। पुलिस वाले कैंप की कुर्सियां तोड़ते रहे। नगर पालिका के कैंप के माध्यम से खोए बच्चे अभिभावकों से मिलाए जाते रहे। देर रात तक मेले से दुकानें बंद होने लगीं। तीसरे दिन का मेला सुकालीगंज के नाम से अंबर नीम पर लगता है।

दूसरे दिन रहा अव्यवस्था का आलम
फोटो-51 कीचड़ में महिलाओं को खूब दिक्कत हुई
भदोही। पहले दिन तो मेले में नगर पालिका की व्यवस्था चाक चौबंद दिखी थी लेकिन दूसरे दिन अव्यवस्था का आलम रहा। इसका मुख्य कारण था भारी मात्रा में पानी बहाया जाना। कई स्थानों कीचड़ होने से लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। मेले में की स्थानों पर नल लगाए जाने के साथ साथ पालिका के टैंकर से भी सप्लाई हो रही थी। पानी के बहाव नहीं होने से पानी एक ही स्थान पर ठहर रहा था। अधिक पाने से होने से दूसरे स्थानों पर भी जलजमाव हो रहा था। इसे रोक पाने में नगर पालिका असहाय था। इसी के फलस्वरूप कई स्थानों पर भारी कीचड़ हो गया जिससे जायरीनों विशेषकर महिलाओं को भारी दिक्कत हुई।

अश्लीलता परोसने वाले रहे कामयाब
भदोही। मेले में पिछले कुछ वर्षों से अश्लील नृत्य वाले प्रदर्शनी को लेकर मेला समिति के लोग चिंतित हैं। ऐसी प्रदर्शनियों पर रोक लगाने के बाद भी अश्लील नृत्य की शिकायत मिल ही जाती है। समिति के लोगों का कहना है कि हम लोग ऐसे लोगों को यहां प्रदर्शनी नहीं लगाने देते लेकिन फिर भी कुछ दूसरे फार्मूले से अपनी मंशा में कामयाब हो जाते हैं। जादू दिखा रहे इक्का दुक्का प्रदर्शनी वाले टिकट बेचने के लिए पर्दा पूरी तरह हटा देते थे। इस दौरान स्टेज पर कम कपड़े में कुछ युवतियों को स्टेज पर खड़ा कर देते थे। बाहर से इन युवतियों को देखते ही टिकट खरीदारों की भीड़ लग जाती थी और वे अंपनी मंशा में कामयाब हो जाते थे। मेला समिति के नुरैन खां ने कहा कि आगे से इस तरह की प्रदर्शनियों को रोकने के लिए कड़े उपाय किए जाएंगे।

आज अंबर नीम पर लगेगा सुकालीगंज का मेला
भदोही। गाजी मियां के मेले के दो दिन बाद तीसरे दिन का मेला अंबर नीम पर लगता है। इसे सुकालीगंज के मेले के नाम से लोग जानते हैं। बुर्जुगों को 1965 से इस मेले के आयोजन की बात तो याद है लेकिन कुछ लोग बताते हैं कि इसकी शुरूआत और भी पहले हुई थी। इस मेले का मकसद महिलाओं को खरीदारी का अवसर प्रदान करना रहा है। इसमें महिलाओं के श्रृंगार और साजो सामान की दुकानें रहती हैं। यही कारण है कि इस मेले में महिलाओं की भारी भीड़ रहती है। मंगलवार के इस मेले की तैयारी पुरी हो चुकी है।

बच्चों पर मेहरबान रहे माता पिता
फोटो-52 व 53 झूलों का आनंद ले रहे बच्चे।
भदोही। बाहर से आने वाले जायरीनों के लिए मेले में पहुंचने का कोई समय नहीं था लेकिन स्थानीय लोग शाम के समय बच्चों सहित पहुंच रहे थे। हालांकि गर्मी का असर बच्चों पर नहीं देखने को मिला क्योंकि उन पर झूलों का मजा सवार था। बड़े बड़े झूलों की ओर हर कोई आकर्षित था। बड़े झूलों पर बैठने के लिए भारी भीड़ थी। इसके लिए लाईन लगानी पड़ रही थी। इससे अभिभावक बच्चों को लेकर काफी परेशान दिखे। बड़े झूलों पर जगह नहीं मिलने के चलते अधिकतर माता पिता अपने बच्चों को दूसरे झूलों पर बैठा कर जान छुड़ाया। हालांकि बच्चों को उस पर खूब मजा आया। कई बच्चों ने तो कई कई राउंड झूला झूले। बच्चे जब घर जाने को हुए तो उन्होंने लीची, खरबूजा, तरबूज आदि घर ले जाना नहीं भूले।

मेले की झलकियां------
मेले में महिलाओं के लिए खास क्षेत्र बनाया जाता है ताकि उन्हें पुरुषों से दिक्कत न हो लेकिन दूसरे दिन कई युवक इस रेखा को लांघते दिखे। कइयों को पुलिस ने फटकार लगाई।
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कल के मुकाबले आज पुलिस निष्क्रिय दिखी। कई पुलिस वाले तो नगर पालिका के कैंप में ही बैठे बैठे बिता दिए। उन्हें कोई टोकने वाला भी नहीं था।
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मेले में महंगाई का असर साफ दिखा। कई दुकानदारों को शिकायत थी कि ग्राहकी उम्मीद के मुताबिक नहीं हो पाई। कई लोगों ने इसका मुख्य कारण महंगाई को बताया।
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पहले दिन जहां कई संगठनों के नि:शुल्क प्याऊ खोले थे तो दूसरे दिन मेनरोड से लेकर मेले तक ऐसे प्याऊ नजर नहीं आए। मेले में ऐसा एक प्याऊ दिखा।
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