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खस्ताहाल बदायूं-उसहैत मार्ग पर गड्ढे ही गड्ढे

Badaun

Updated Mon, 03 Dec 2012 05:30 AM IST
उसहैत। इलाके की प्रमुख सड़कों के साथ ही जिला मुख्यालय को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग अफसरों की उदासीनता की भेंट चढ़ गया है। बदायूं तक के सफर को जहां एक घंटा नहीं लगना चाहिए वहीं वाहनों के गड्ढों में होकर आने - जाने से यह सफर पूरा होते दो घंटा से अधिक समय लग जाता है।
यह एक ऐसा इलाका है जहां के लोगों का शाहजहांपुर, फर्रुखाबाद और एटा जिले से भी ताल्लुक है। इन जिलों के सैकड़ों लोग व्यापारिक काम के लिए आते-जाते भी हैं, लेकिन आवागमन में दिक्कतों की वजह से व्यापारिक काम ठप होने लगा है। बदायूं-उसहैत मुख्य मार्ग के साथ क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक संपर्क मार्ग भी क्षतिग्रस्त हैं। यहां गड्ढों में सड़क को ढूढ पाना भी मुश्किल है। कमोवेश ऐसी ही दशा ककराला-उसहैत मार्ग की बनी हुई है।
सड़क की दुर्दशा का ही नतीजा है कि मालिक प्राइवेट बसों को इस रूट पर चलाना नहीं चाहते। रोडवेज की यहां कुल दो बसें ही संचालित हैं।

रोडवेज बसों की संख्या में हो वृद्धि
कस्बा निवासी गोविंद राम शर्मा कहते हैं कि उसहैत क्षेत्र के लोगों को आवागमन की सुविधा मुहैया कराने के लिए जन प्रतिनिधियों ने कभी सही ढंग से प्रयास ही नहीं किया। सुविधा के लिए जरूरी है कि रोडवेज बसों की संख्या में भी वृद्धि हो।


शैक्षिक उत्थान में बाधक हैं खराब सड़के
इलाके के गांव गढिया हरदोपट्टी निवासी अनिल कुमार क्षेत्र में स्कूल-कालेजों की कमी के लिए खराब सड़कों को जिम्मेदार ठहराते हैं। बताया कि सड़कों की दशा ठीक हो तो क्षेत्र के बच्चे पढ़ने के लिए बाहर भी जा सकते हैं।


व्यापारिक कामकाज भी प्रभावित
व्यापारी मुकेश गुप्ता ने बताया कि किसी भी क्षेत्र के व्यापारिक उत्थान में सबसे अहम रोल आवागमन के साधनों का होता है। यहां ऐसा कुछ भी नहीं है। रही बात खस्ताहाल सड़कों की तो हुक्मरानों ने कभी हालात पर गौर करने का प्रयास ही नहीं किया।


बसें बढें तो होगा इलाके का विकास
कटरासहादतगंज निवासी श्याम सिंह शाक्य आवागमन के संसाधनों की कमी से खासे आहत दिखे। बताया कि कटरा-लिलवां मार्ग पर दो बसें संचालित हैं। महकमा यदि बसों की संख्या में इजाफा कर दे तो इलाके के विकास में पंख लग जाएंगे।
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