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डेंगू को लेकर अलर्ट, पर तैयारी अधूरी

Badaun

Updated Tue, 23 Oct 2012 12:00 PM IST
बदायूं। प्रदेश के कुछ जिलों में डेंगू की दस्तक से बदायूं में भी अलर्ट घोषित कर दिया गया, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की नींद नहीं टूटी। न तो अभी जिला अस्पताल में अलग से कोई वार्ड बना है और न चिकित्सकों की टीम बनाई गई है। यहां ब्लड सेपरेशन यूनिट न होने के कारण मरीजों को हायर सेंटरों पर रेफर किया जाता है।
दर्जनों लोगों की हुई थी मौत
वर्ष 2006, 2009 और 2010 में जिले में डेंगू फैला तो दर्जनों लोगों की मौत हो गई थी। जिला डेंगू ज्वर की दृष्टि से संवेदनशील भी घोषित कर दिया गया था, लेकिन स्वास्थ्य विभाग इसको लेकर गंभीर नहीं है।

बुखार के रोगी बढ़ रहे
सितंबर माह में 7238 मरीजों के खून की जांच की गई। चालू माह में अब तक यह संख्या पांच हजार तक पहुंच चुकी है । चिकित्सकों अनुसार अस्पतालों में बुखार के रोगी अधिक आ रहे हैं। महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने पिछले दिनों जरूरी व्यवस्थाएं कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन विभाग ने अभी तक कुछ नहीं किया। जिला अस्पताल में अलग से वार्ड बनाकर चिकित्सकों की टीम बनाई जानी थी। एक एंबुलेंस हमेशा तैयार रखनी थी। प्लेटलेट्स की भी व्यवस्था की जानी थी, लेकिन यह कार्य भी विभाग ने नहीं किया।

एडीज मच्छर से फैलता है डेंगू
डेंगू एडिज मच्छर के काटने से फैलता है। इसका असर शरीर में एक सप्ताह बाद दिखाई देता है। यह मच्छर साफ पानी पर बैठता है। काले रंग का यह मच्छर बहुत छोटा होता है। इसकी टांगे और शरीर पर सफेद धब्बे होते हैं।


नाक से आता है खून

जिला एपिडेमिनोलॉजिस्ट डा. कौशल गुप्ता ने बताया कि डेंगू से पीड़ित व्यक्ति को सबसे पहले जुकाम होता है। सिरदर्द के साथ तेज बुखार आता है। आंखों के पीछे दर्द होना, जोड़ों में दर्द, मरीज के शरीर पर लाल दाने निकलते हैं या चकत्ते बन जाते हैं। नाक के अलावा शरीर के किसी भी अंगसे खून बहने लगता है। प्लेटलेट्स लगातार गिरने से व्यक्ति की मौत हो जाती है। स्वस्थ व्यक्ति की प्लेटलेट्स डेढ़ लाख से ऊपर होनी चाहिए, लेकिन डेंगू से पीड़ित व्यक्ति की 70 हजार से नीचे चली जाती हैं।


बचाव के उपाय
कूलर, खुले डिब्बों, टूटी बाल्टी, पुरारे टायरों, बेकार रखे बर्तनों में पानी इकट्ठा न होने दें। गमलों की नियमित सफाई करें और सोने वाले स्थान से दूर रखें। शाम के समय छत या अन्य जगह बैठते समय पूरी आस्तीन की कमीज और पैरों में जुराब पहने। तेज बुखार की शिकायत होने पर चिकित्सक की सलाह लें।

अभी डेंगू ने दस्तक नहीं दी है, तैयारियां कर ली जाएंगी। जांच की जिला अस्पताल में व्यवस्था है, लेकिन प्लेटलेट्स के लिए मरीज को हायर सेंटर रेफर किया जाता है।
-डा. रजनीश पाल सिंह, सीएमओ
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