आपका शहर Close

सिर्फ हाजिरी रजिस्टर पर दर्ज हैं बच्चे

Badaun

Updated Sun, 14 Oct 2012 12:00 PM IST
बदायूं। नेशनल चाइल्ड डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत जिले भर में खोले गए बाल श्रम स्कूल हकीकत में कम और कागजों पर ज्यादा चल रहे हैं। कई स्कूल तो बंद हो गए हैं और जो खुल रहे हैं, वहां बच्चों की संख्या बेहद कम है।
जिलेभर में हुए सर्वे में 5610 बाल श्रमिकों का रजिस्ट्रेशन हुआ था। वर्ष 2006 में इस प्रोग्राम के तहत 56 बाल श्रम स्कूलों को खोलने को हरी झंडी मिली थी। प्रत्येक स्कूल में 50 बच्चों का दाखिल होना था। इन स्कूलों के संचालन की जिम्मेदारी गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) को सौंपी गई। यहां स्टाफ के नाम पर दो अनुदेशक, एक व्यावसायिक प्रशिक्षक, एक लिपिक और एक आया के पद स्वीकृत हुए। स्टाफ का मानेदय, मिड डे मील, वजीफा, किराया, फर्नीचर आदि की व्यवस्था सरकार को ही करनी थी। ये स्कूल खोल तो दिए गए लेकिन इनका संचालन रामभरोेसे छोड़ दिया गया। नतीजतन इन स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति तो है लेकिन सिर्फ हाजिरी रजिस्टर पर। इतना ही नहीं कई जगहों पर तो इन स्कूलों का कोई अता-पता भी नहीं लग रहा।
कहीं बच्चे कम, कहीं स्कूल ही नदारद
निरीक्षण के दौरान विशेष बाल श्रमिक स्कूल ब्राह्मपुर में बच्चों की संख्या काफी कम दिखाई दी। यहां स्कूल बेहद छोटे कमरे में चलता हुआ मिला। यहां मिड-डे मील के लिए दिए जाने की सूची भी नहीं थी। इसके अलावा कल्याणपुर में खुले बाल श्रम स्कूल का तो कोई अता-पता ही नहीं लगा। जिस जगह पर इस स्कूल का संचालन दिखाया गया है, वहां कोई किराएदार रह रहा है। उसने बताया कि काफी पहले यहां स्कूल चलता था।
हर रोज आते हैं 25-30 बच्चे
विशेष बाल श्रमिक स्कूल ब्राह्मपुर की शिक्षिका रुखसाना परवीन ने बताया कि 50 बच्चों का रजिस्ट्रेशन है। हर रोज 25-30 बच्चे आ जाते हैं। कोशिश रही रहती है कि ज्यादा से ज्यादा बच्चे स्कूल पहुंचकर उपस्थिति दर्ज कराए।
---------
सिलेंडर नहीं तो मिड डे मील भी नहीं
12बीडीएन-3
ब्राह्मपुर के ही बाल श्रमिक स्कूल की व्यावसायिक प्रशिक्षक प्रभा राठौर ने बताया कि वैसे तो बच्चों को मिड डे मील हर रोज दिया जाता है लेकिन गैस सिलेंडर न मिल पाने से बच्चों के लिए खाना नहीं बनाया जा पा रहा है।
-----------
दो साल से नहीं मिला मानदेय
बाल श्रम स्कूल की बदहाली के पीछे एक बड़ा यह भी कारण है कि यहां रखे गए स्टाफ को पिछले दो साल से मानदेय ही नहीं मिला है। ऐसे में उनके सामने जबरदस्त आर्थिक संकट खड़ा हुआ है।
-------------
वर्जन----
जल्द ही सभी बाल श्रम स्कूलों के नियमित संचालन को ठोस कदम उठाए जाएंगे, ताकि बाल श्रमिकों को इसका ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सके।
वलीराम, जिला श्रम प्रवर्तन अधिकारी
Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

ऐसे करेंगे भाईजान आपका 'स्वैग से स्वागत' तो धड़कनें बढ़ना तय है, देखें वीडियो

  • सोमवार, 20 नवंबर 2017
  • +

सलमान खान के शो 'Bigg Boss' का असली चेहरा आया सामने, घर में रहते हैं पर दिखते नहीं

  • सोमवार, 20 नवंबर 2017
  • +

आखिर क्यों पश्चिम दिशा की तरफ अदा की जाती है नमाज

  • सोमवार, 20 नवंबर 2017
  • +

सलमान खान को इंप्रेस करने के चक्कर में रणवीर ने ये क्या कर डाला? देखें तस्वीरें

  • सोमवार, 20 नवंबर 2017
  • +

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में निकली वैकेंसी, मुफ्त में करें आवेदन

  • सोमवार, 20 नवंबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!