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यहां मौत के साये में होती है पढ़ाई

Badaun

Updated Fri, 05 Oct 2012 12:00 PM IST
बदायूं। सुप्रीम कोर्ट का सख्त आदेश है कि बच्चों की पाठशाला सुरक्षित हो और वहां बुनियादी सुविधाएं उन्हें मिलें, लेकिन शहर के एक दर्जन से अधिक स्कूल ऐसे हैं जिनके बच्चों के ऊपर मौत मंडराती है। प्राइवेट भवन जर्जर हो गए हैं, कहीं छत है तो कहीं नहीं। ईंटें उखड़कर आए दिन गिर रही हैं। पेयजल के लिए हैंडपंप नहीं हैं। शौचालय के अभाव में भी बच्चे घरों को दौड़ लगाते हैं।
प्राथमिक स्कूल शहवाजपुर नंबर एक के प्रवेशद्वार पर घर बने हैं। यहीं पर हैंडपंप लगा है। इसका उपयोग इन्हीं परिवारों के लोग करते हैं। दो कक्ष हैं। लकड़ी के गाटर लगाकर छत डाली गई थी, लेकिन गिरताऊ हैं। यहां शौचालय नहीं बना है। स्टाफ भी दहशत में है। यही हाल प्राथमिक स्कूल टिकटगंज नगर क्षेत्र का है। यहां 73 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। शौचालय नहीं बना है। आधे बच्चों के सिर पर छत है। लकड़ी के गाटर और दीवारें कभी भी गिर सकती हैं। प्राथमिक स्कूल शहवाजपुर नंबर दो पूरी तरह खुला है। यहां बरामदे में बच्चों की पढ़ाई होती है। स्कूल में सामान रखने तक को जगह नहीं है। इसके भी गिरने की आशंका है। शौचालय भी पूरी तरह जर्जर हो गया। प्राथमिक स्कूल सोथा नंबर दो के बच्चों के ऊपर भी पूरी छत नहीं है। कुछ बच्चे खुले आसमान के नीचे बैठते हैं। उच्च प्राथमिक स्कूल कथूलिया में हैंडपंप लगा है, लेकिन कई महीने से खराब है। बच्चे पानी के लिए घरों को दौड़ लगाते हैं।
इंसेट---
55 विद्यालय शौचालयविहीन
ग्रामीण इलाके के 55 विद्यालय शौचालयविहीन हैं। इसके अलावा इतने ही स्कूलों में हैंडपंप खराब पड़े हैं। बच्चों को घर दौड़ लगानी पड़ती है। इस कार्य के लिए रकम भी हर साल मिली, लेकिन कार्य नहीं कराया गया।
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प्रधानाध्यापक बोले-रहती है दहशत
नहीं बना शौचालय
प्राथमिक स्कूल, शहवाजपुर नंबर एक की प्रधानाध्यापक कहकशां बानो का कहना है कि हर समय छत गिरने की आशंका बनी रहती है। शौचालय स्कूल में नहीं है।
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अफसरों को बताते हैं हालात
प्राथमिक स्कूल टिकटगंज नगर क्षेत्र की प्रधानाध्यापक सय्यदा खातून का कहना है कि तमाम ईंटें स्वयं हटा दीं, वह गिर सकती थीं। अफसरों को स्कूल के हालात हर साल बताते हैं।
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नहीं लगाया हैंडपंप

प्राथमिक स्कूल, शहवाजपुर नंबर दो के शिक्षक शहजाद कहते हैं कि स्कूल में सामान चोर ले गए। रखने को जगह नहीं। जर्जर दीवार गिराई थी। शौचालय का अभाव है। हैंडपंप के लिए कहा था, अब तक नहीं लगवाया गया।
वर्जन---

शहर के कई स्कूल किराए के भवनों में चल रहे हैं, मकान मालिक छतों से बल्ली निकाल ले गए हैं। इस समस्या से निजात के लिए कुछ स्कूलों को मर्ज किया गया है। रही बात शौचालय की तो वह बनाए जा रहे हैं और खराब हैंडपंप भी ठीक कराए जा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन किया जाएगा। -कृपाशंकर वर्मा, बीएसए
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